Flat Fire Insurance: फ्लैट में आग लगने पर कौन करेगा नुकसान की भरपाई? जानिए इंश्योरेंस के नियम

Flat Fire Insurance: गाजियाबाद की गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के एक फ्लैट में भयंकर आग लग गई। इस हादसे में लाखों का नुकसान हुआ है। फ्लैट में आग लगने पर होम इंश्योरेंस आपकी सबसे बड़ी आर्थिक मदद करता है।
Flat Fire Insurance: Who Pays If Flat Catches Fire? Insurance, Builder Or Govt Rules Explained
फ्लैट फायर इंश्योरेंस (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Flat Fire Insurance Claim Process: फ्लैट में अचानक आग लगने जैसी गंभीर घटनाओं में होम इंश्योरेंस सबसे पहली और मजबूत सुरक्षा ढाल बनकर सामने आता है। अगर आपके पास घर का बीमा है तो नुकसान की स्थिति में यही आपकी सबसे बड़ी आर्थिक मदद करता है। होम इंश्योरेंस मुख्य रूप से घर की संरचना यानी दीवार और छत के साथ-साथ अंदर रखे फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सामान को भी पूरी तरह से कवर करता है। आग लगने पर बीमा कंपनी हुए नुकसान का सटीक आकलन करके उसके हिसाब से आपको उचित पैसे देती है जिससे बड़ी राहत मिलती है।

बीमा कंपनी से यह क्लेम हासिल करने के लिए पुलिस एफआईआर, नुकसान का सही अंदाजा और जले हुए सामान के पक्के बिल या रसीद होना बहुत जरूरी है। अगर आपके पास घर का बीमा नहीं है तो किसी भी तरह के नुकसान की भरपाई की कोई गारंटी नहीं होती और सारा खर्च खुद उठाना पड़ता है। फ्लैट का पजेशन मिलने के बाद बिल्डर की जिम्मेदारी बहुत कम हो जाती है, जब तक कि आग किसी तकनीकी खराबी या लापरवाही से न लगी हो। रेरा के नियमों के अनुसार बिल्डर को बिल्डिंग के लिए इंश्योरेंस करवाना होता है, नहीं तो बाद में उसे भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

सोसाइटी की जिम्मेदारी

रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन या सोसाइटी के पास भी कई बार अपना इंश्योरेंस होता है लेकिन उसमें भी मुआवजे की एक निश्चित लिमिट तय होती है। आमतौर पर सोसाइटी का यह बीमा केवल लिफ्ट, पार्किंग और सीढ़ियों जैसे कॉमन एरिया तक ही पूरी तरह से सीमित होता है। यह बीमा आपके व्यक्तिगत फ्लैट या उसके अंदर रखे हुए किसी भी निजी सामान को बिल्कुल भी कवर नहीं करता है।

पड़ोसी की गलती

अगर किसी फ्लैट में आग किसी व्यक्ति की लापरवाही से लगी और वह आग फैलकर दूसरे फ्लैट्स तक पहुंच गई तो यह पूरी तरह कानूनी मामला बन जाता है। जैसे अगर खराब वायरिंग या गैस लीक होने की वजह से आपके पड़ोसी की गलती से आग लगी है तो वह व्यक्ति नुकसान के लिए जिम्मेदार हो सकता है। वहीं अगर बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के इंतजाम ठीक नहीं थे तो सीधे तौर पर सोसाइटी या बिल्डर के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

सरकारी मुआवजा नीति

अक्सर लोग सोचते हैं कि ऐसे हादसों में सरकार मदद करेगी लेकिन ज्यादातर मामलों में सरकार की तरफ से कोई भी सीधा मुआवजा नहीं दिया जाता है। सरकारी सहायता और आर्थिक मदद केवल बाढ़ और भूकंप जैसी बहुत बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के समय ही आम जनता को प्रदान की जाती है। शहरों में होने वाली आग की ऐसी आम घटनाओं के लिए सरकार के पास कोई भी तय मुआवजा योजना फिलहाल मौजूद नहीं है।

बचाव के उपाय

इस तरह के भयानक और अचानक होने वाले हादसों से और भारी आर्थिक नुकसान से बचने के लिए हमेशा एक अच्छा होम इंश्योरेंस जरूर लेना चाहिए। घर के सभी जरूरी और महंगे सामान के पक्के बिल हमेशा सुरक्षित संभालकर रखने चाहिए ताकि वक्त पर सही तरीके से क्लेम लिया जा सके। इसके साथ ही सोसाइटी में फायर सेफ्टी सिस्टम को नियमित रूप से चेक करना और गैस का इस्तेमाल सावधानी से करना बेहद जरूरी है।

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