Yavatmal Bank Cooperative Election Unopposed: यवतमाल जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक चुनाव में नाम वापसी के अंतिम दिन बड़ा बदलाव हुआ। दिग्रस, पुसद और दारव्हा तहसील गटों में प्रतिस्पर्धी उम्मीदवारों की माघारी के बाद तीन सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया। सांसद संजय देशमुख, विजय जाधव और सुशील राठोड के निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति बनी है।
यवतमाल जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के 25 संचालक पदों के लिए चल रही चुनाव प्रक्रिया में नाम वापसी के अंतिम दिन अचानक राजनीतिक समीकरण बदल गया। दिग्रस, पुसद और दारव्हा तहसील गटों में प्रतिस्पर्धी उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद तीन सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हुआ है।
दिग्रस तहसील गट से सांसद संजय देशमुख, पुसद तहसील गट से विजय जाधव और दारव्हा तहसील गट से सुशील राठोड के निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति बनी है। इससे बैंक चुनाव का एक हिस्सा मतदान से पहले ही तय हो गया है।
दारव्हा तहसील गट को लेकर दिनभर अलग-अलग चर्चाएं चल रही थीं। सुशील राठोड के निर्विरोध चुने जाने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन उनके विरोध में उम्मीदवार के मैदान में रहने की जानकारी सामने आई थी। बाद में नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दारव्हा सीट का चित्र भी स्पष्ट हो गया।
तीन सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ होने के बावजूद यवतमाल जिला बैंक की शेष 22 सीटों पर चुनावी मुकाबला कायम है। 25 संचालक पदों के लिए शुरू हुई प्रक्रिया में नामांकन के दौरान कई गटों में उम्मीदवारों की संख्या अधिक थी। अंतिम चरण में हुई चर्चाओं और बैठकों के बाद कुछ उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए।
अब शेष गटों में पैनल, उम्मीदवारों और स्थानीय समीकरणों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। सहकार क्षेत्र में इस बात पर नजर है कि विभिन्न गटों में कौन-कौन से उम्मीदवार आमने-सामने रहेंगे।
यवतमाल जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक का चुनाव लंबे समय बाद हो रहा है और शुरुआत से ही इसे लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज रही हैं। नाम वापसी के बाद तीन सीटों का चित्र स्पष्ट होने से चुनावी गणित में बदलाव आया है।
अब शेष 22 सीटों पर होने वाले मुकाबले और अलग-अलग पैनलों के प्रदर्शन से बैंक के आगामी सत्ता समीकरण किस तरह आकार लेते हैं, इस पर सहकार क्षेत्र की नजरें टिकी हैं।