अष्ठादश शक्तिपीठों में आठवीं श्रीएकवीरा देवी (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
यवतमाल

अष्ठादश शक्तिपीठों में आठवीं श्रीएकवीरा देवी, नवमी के दिन होगी पूर्णाहुति हवन

Shri Ekvira Devi: महागांव तहसील के हिवरा (संगम) में पुस नदी के किनारे स्थित शक्तिपीठ श्री एकविरा देवी संस्थान में कहा जाता है कि यहां सती का दायां हाथ माता एकविरा के रूप में प्रतिष्ठित हुआ।

आंचल लोखंडे

Mahagaon: अष्ठादश शक्तिपीठों में आठवां शक्तिपीठ श्री एकविरा देवी संस्थान में शारदीय नवरात्र उत्सव का आयोजन किया गया है। यह मंदिर महागांव तहसील के हिवरा (संगम) में पुस नदी के किनारे स्थित है। कहा जाता है कि यहां सती का दायां हाथ माता एकविरा के रूप में भक्तों के कल्याण हेतु प्रतिष्ठित हुआ। श्री एकवीरा माता क्षेत्रीय भक्तों के ग्रामदैवत के रूप में पूजनीय हैं। महाराष्ट्र के अलावा तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु से भक्त बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

नवरात्र उत्सव के दौरान संस्थान की ओर से विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों और सामाजिक उपक्रमों का आयोजन किया जाता है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष दर्शन व्यवस्था की गई है। दिव्यांग भक्तों के लिए सीधा दर्शन का प्रबंध किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोहंडुल नवरात्र के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। सुरक्षा के लिए यवतमाल जिला पुलिस और महागांव पुलिस स्टेशन का पथक तैनात किया गया है। दररोज सुबह 7।30 बजे श्री एकविरा माता की महा आरती होती है, जिसमें प्रतिदिन 5–6 हजार भक्त शामिल होते हैं। नवमी के दिन दोपहर में होमहवन, और दसरे के दिन भव्य महाप्रसाद का आयोजन किया जाता है।

दर्शन व्यवस्था और पार्किंग की व्यवस्था

भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए संस्थान ने महामार्ग के पास खेत में पार्किंग का प्रबंध किया है, जिससे वाहन रस्ते पर न फंसे और दर्शन सुगम हो। चूंकि श्री एकवीरा माता भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली हैं, इसलिए नवरात्रि उत्सव के दौरान, भक्त माता के दरबार में मनोकामना ज्योत जलाकर अपनी मन्नतें मांगते हैं और पूरी होने पर उसे अदा करते हैं। मनोकामना ज्योत के प्रति भक्तों की बढ़ती प्रतिक्रिया को देखते हुए, न्यासी मंडल ने जानकारी दी है कि इस वर्ष माता के दरबार में लगभग छह सौ से सात सौ मनोकामना ज्योत जलाई जाएंगी।

अन्य राज्यों से आने वाले भक्तों के लिए निवास

पूर्व जि। प। सदस्य एवं कोषाध्यक्ष एकवीरा देवी संस्थान के साहेबराव पाटिल ने कहा कि राज्य और अन्य राज्यों से आने वाले भक्तों के लिए भक्त निवास का निर्माण पूरा हो रहा है, जिसकी लागत लगभग 1 करोड़ रुपये है। इसे जनवरी में लोकार्पण कर भक्तों के लिए खोलने की योजना है। साथ ही महामार्ग से सीमेंट कंक्रीट सड़क और पुस नदी पर गंगा घाट का निर्माण भी प्रस्तावित है।

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