यवतमाल मंडी, पुसद तहसील, वजन कांटा घोटाला,(सोर्स: सोशल मीडिया) 
यवतमाल

यवतमाल में किसान की सतर्कता से खुला मंडी घोटाला! पुसद मंडी में वजन कांटे पर सवाल, 2 तौल में 10 क्विंटल का फर्क

Yavatmal News Pusad Market Yard: यवतमाल के पुसद मंडी यार्ड में किसान की सतर्कता से वजन कांटे में कथित गड़बड़ी उजागर हुई। दोबारा तौल में गेहूं का वजन करीब 10 क्विंटल अधिक निकला।

अंकिता पटेल

Yavatmal Agriculture News: यवतमाल जिले के पुसद तहसील में स्थानीय कृषि उपज मंडी समिति के एमआईडीसी मार्केट यार्ड में शनिवार को एक किसान की सतर्कता के चलते वजन कांटे में बड़ा घोटाला उजागर हुआ। प्राप्त जानकारी अनुसार शनिवार की शाम करीब 5 बजे देवराव व्हडगीर के वाहन क्रमांक एमएच 29-6244 में भरा गेहूं मंडी समिति के कांटे पर तौला गया।

इस दौरान वजन 42.32 क्विंटल दिखाकर पावती दी गई। लेकिन व्हडगीर को वजन पर संदेह हुआ और उन्होंने दोबारा तौल की मांग की। कांटे पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें धमकाकर मना करने का प्रयास किया। इसके बावजूद किसान ने दोबारा तौल कराने पर जोर दिया।

दूसरी बार तौल करने पर वजन 52.10 क्विंटल निकला और नई पावती दी गई। जिसके चलते यहां के वजन कांटा पर संदेह गहरा गया है और नापतोल में भारी धांदली का आरोप किसानों ने किया है।

तौल में गड़बड़ी पर किसानों का रास्ता रोको, कर्मचारी हिरासत में

संतप्त किसानों का रास्ता रोको आंदोलन दोनों तौल में करीब 978 किलो का अंतर सामने आने से किसानों में भारी आक्रोश फैल गया। कुछ ही देर में मार्केट परिसर के किसानों ने पुसद-दिग्रस राज्य मार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि यह प्रकार पिछले कई दिनों से जारी है। किसान राहुल राठोड ने आरोप लगाया कि उनके 10 क्विंटल माल की जगह केवल 8 क्विंटल की पावती दी गई।

मंडी समिति के अव्यवस्थित कामकाज को लेकर किसानों ने जमकर नाराजगी जताई सुबह से अब तक 110 गाड़ियों की तौल हो चुकी है। किसानों ने मांग की कि सभी किसानों को वजन अंतर की भरपाई दी जाए, इसी मांग को लेकर किसानों ने मंडी परिसर में धरना शुरू कर दिया।

कुछ देर बाद मंडी समिति के सभापति शेख कौसर, उपसभापति अभय राठोड, संचालक विनोद सरगर और रवी निकम ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस बीच शहर पुलिस थाने के ठाणेदार सेवानंद वानखड़े और एपीआई प्रेमकुमार केदार मौके पर पहुंचे पुलिस ने तौल करने वाले कर्मचारियों को हिरासत में लिया। समाचार लिखने तक एमआईडीसी परिसर में किसान डटे हुए थे। वहीं करीब 50 गाड़ियां तौल के इंतजार में खड़ी थीं।

मामले की जांच कर कार्रवाई करें : जाधव

पुसद तालुका के आमटी गांव निवासी किसान देवराव अप्पाराव व्हडगीर गेहूं बिक्री के लिए मंडी समिति पहुंचे थे। नीलामी के बाद जब उनकी गाड़ी पहली बार वजन कांटे पर चढ़ाई गई तो वजन 42 क्विंटल 35 किलो दिखाया गया लेकिन किसान को अपने माल का वजन अधिक होने का भरोसा था। शंका होने पर 24 मिनट बाद उसी गाड़ी की दोबारा तौल कराई गई।

इस बार वजन 52 क्विंटल 10 किलो निकला। दोनों तौल में भारी अंतर देखकर किसान हैरान रह गया और उसने विरोध जताते हुए पूरा मामला उजागर किया कभी हमाली और मापारी के नाम पर किसानों से अवैध वसूली के आरोप सामने आते हैं तो कभी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने से काम बंद आंदोलन किए जाते हैं इसका आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी किसानों को झेलनी पड़ती है किसान नेता मनीष जाधव ने आरोप लगाया कि यह मंडी समिति किसानों के लिए "कसाईखाना" बन चुकी है।

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