त्र्यंबकेश्वर में VIP दर्शन घोटाला: 4 दिन में 71 श्रद्धालुओं से वसूली, आरोपियों की हिरासत बढ़ी

Nashik Temple Fraud: त्र्यंबकेश्वर मंदिर में वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली मामले में दो आरोपियों की पुलिस हिरासत 23 अप्रैल तक बढ़ी। 4 दिन में 71 श्रद्धालुओं को अवैध दर्शन कराने का खुलासा हुआ।
VIP Darshan Scam at Trimbakeshwar: Money Extorted from 71 Devotees in 4 Days; Accused's Custody Extended
त्र्यंबकेश्वर वीआईपी दर्शन घोटाला( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Trimbakeshwar VIP Darshan Scam: नासिक श्री त्र्यंबकेश्वर देवस्थान में वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली करने वाले गिरोह के खुलासे के बाद, सोमवार 20 अप्रैल को मुख्य संदिग्ध ट्रस्टी पुरुषोत्तम कडलग और गोटीराम पेहरे की पुलिस हिरासत 3 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एस। वी। लाड ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक महेश कुलकर्णी ने अदालत में चौंकाने वाले तथ्य पेश किए हैं-संदिग्धों ने मात्र 4 दिनों के भीतर 71 श्रद्धालुओं को अवैध रूप से दर्शन कराए।

पुलिस अब उन श्रद्धालुओं का पता लगा रही है जिन्होंने एजेंटों के माध्यम से दर्शन किए, अब तक 200 से अधिक श्रद्धालुओं के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि इस रैकेट के तार अन्य राज्यों तक फैले हो सकते हैं, जिसकी पुष्टि के लिए पुलिस हिरासत जरूरी थी।

त्र्यंबकेश्वर घोटाले की जांच के लिए SIT सक्रिय

पुलिस की तकनीकी जांच में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर सबूत मिले हैं- पिछले 1 वर्ष के दौरान पुरुषोत्तम कडलग के बैंक खातों में 1 करोड़ 13 लाख 58 हजार 375 रुपये जमा किए गए हैं, सरकारी वकील एड. सायली गोखले ने दावा किया कि कडलग इस बड़ी राशि का कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए हैं।

बचाव पक्ष के वकील एड. राहुल कासलीवाल ने दावा किया कि यह धन उनके पुराने व्यवसाय से अर्जित है, न कि भ्रष्टाचार से।

इस मामले के अन्य 2 संदिग्धों की रिमांड पर फैसला कल (मंगलवार) होने की संभावना है। SIT अब उन एजेंटों और बिचौलियों की तलाश कर रही है जो मंदिर ट्रस्टियों और बाहरी श्रद्धालुओं के बीच कड़ी का काम कर रहे थे।

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