Prakash Ambedkar सोर्स- नवभारत ) 
यवतमाल

यवतमाल: आंबेडकर का पीएम मोदी पर निशाना, ‘मुद्रा’ से ‘मुजरा’ टिप्पणी; 23 मार्च को RSS मुख्यालय पर मोर्चा

Yavatmal News: यवतमाल में प्रकाश आंबेडकर ने पीएम मोदी पर अमेरिका के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समझौतों और एपस्टीन फाइल को लेकर 23 मार्च को नागपुर में मोर्चे की घोषणा की।

रूपम सिंह

Maharashtra Politics News: हाल ही में मुंबई में भाजपा के विरोध में रहने वाले विपक्षी दलों एवं तकरीबन 12 से 13 सामाजिक संगठनों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में विचाराधीन रखे गए तीन महत्त्वपूर्ण मुद्दों को वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता एड। प्रकाश आंबेडकर ने पत्रकार परिषद में रखे। इस दौरान प्रकाश आंबेडकर ने पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि अब पीएम मोदी मुद्रा नहीं बल्कि मुजरा मोदी बन गए है।

अमेरिका के इशारे पर काम करने वाले बन गए है। यवतमाल शहर के विश्राम भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में प्रकाश आंबेडकर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के साथ जो करार किया था, उस करार में से केवल एक मुद्दे पर चर्चा हुई। वह मुद्दा था कृषि बाजार पेठ को लेकर था। लेकिन यह करार कृषि बाजार तक ही सीमित नहीं था और दो अहम मुद्दों को लेकर था। इसमें भारत के परराष्ट्र नीति अमेरिका की परराष्ट्र नीति के अनुसार होनी चाहिए।

लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। आज हालात यह हैं कि रशिया और अमेरिका एक दूसरे के विरोध में हैं। जबकि भारत देश को रशिया से कच्चे तेल की आपूर्ति की जाती थी। लेकिन अब युद्ध के चलते रशिया से तेल की आपूर्ति बंद कर दी गई है। अब सीधे तौर पर भारत रशिया से तेल नहीं खरीद सकता है। नरेंद्र मोदी जो पहले मुद्रा मोदी थे, अब मोदी मुजरा मोदी बन गए है।

एपस्टीन फाइल प्रकरण

अमेरिका के इशारे पर मोदी काम कर रहे है। वहीं तीसरा मुद्दा कृषि अर्थव्यवस्था का था। इसमें अमेरिका से आनेवाला पूरा माल जीरो टेरिफ पर आएगा और भारत से जाने वाले माल पर 18 फीसदी टेरिफ लगेगा। इससे आर्थिक स्वायत्ता खतरे में आ गई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित एपस्टीन फाइल प्रकरण में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के कुछ मंत्रियों तथा बड़े उद्योगपतियों के नाम आने की खबरों से देशभर में हलचल मची हुई है।

इस मामले के कारण प्रधानमंत्री की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के बड़े राजनीतिक दल इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं। प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की कि आरएसएस, जो भारतीय जनता पार्टी की मातृसंस्था मानी जाती है, इस मामले में हस्तक्षेप कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पद से हटाने की पहल करे। इसी मांग को लेकर वंचित बहुजन आघाड़ी महाराष्ट्रभर आंदोलन की श्रृंखला चला रही है।

उन्होंने आम जनता से 23 मार्च को नागपुर के रेशीमबाग स्थित आरएसएस मुख्यालय पर होने वाले मोर्चा और धरना आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। पत्रकार परिषद में वंचित बहुजन आघाड़ी के जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज वाघमारे, डी.के. दामोदर (पश्चिम जिलाध्यक्ष), मीरा वीर (नगरसेविका), संघपाल कांबले (घाटंजी तहसील अध्यक्ष), विशाल पोले, राजू निमसटकर, शैलेश भानवे, सचिन राऊत, अशोककुमार कयापाक, अरविंद दिवे, देवानंद लोणारे, विलास वाघमारे, रणधीर चव्हाण, मधुकर कांबले सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

23 को निकाला जाएगा मोर्चा

वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने 23 मार्च को नागपुर के रेशिमबाग स्थित आरएसएस मुख्यालय के सामने भव्य मोर्चा और धरना आंदोलन करने की घोषणा की है। यह जानकारी उन्होंने यवतमाल में आयोजित पत्रकार परिषद में दी।

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