Surplus Teachers (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया) 
यवतमाल

नई ऑनलाइन संच मान्यता से शिक्षकों में चिंता, बड़ी संख्या में पद प्रभावित होने की आशंका

Yavatmal Teacher Organizations: महागांव के उच्च माध्यमिक विभाग में शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की ऑनलाइन संच मान्यता जारी होने के बाद शिक्षक संगठनों ने कई आपत्तियां उठाई हैं।

महाराष्ट्र डेस्क

Yavatmal Teacher Recruitment: उच्च माध्यमिक विभाग के शैक्षणिक वर्ष 202526 की ऑनलाइन संच मान्यता विद्यालयों के लॉगिन पर उपलब्ध होने के बाद शिक्षा क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया है। उच्च माध्यमिक शिक्षक संगठनों ने इससे पहले मोर्चे, आंदोलन और विभिन्न माध्यमों से शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया था। इसके बावजूद संच मान्यता की कई व्यवस्थाओं को लेकर आपत्तियां अब भी कायम हैं। जिले के अनेक शिक्षकों का कहना है कि नई ऑनलाइन संच मान्यता के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक अतिरिक्त घोषित हो सकते हैं।

वर्तमान में सेवानिवृत्ति के कारण कुछ पद रिक्त दिखाई दे रहे हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में नई शिक्षक भर्ती के अवसर कम होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। आनलाईन संच मान्यता स्वीकृति के कुछ प्रमुख बिंदुओं पर शिक्षकों ने आपत्ति दर्ज की है। उनका आरोप है कि वर्ष 202425 के स्वीकृत पदों का उल्लेख करते समय कई जगह विसंगतियां दिखाई दे रही हैं।

महागांव में नई शिक्षा नीति पर विवाद

कुछ विद्यालयों में अंग्रेजी और मराठी विषय के शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन संबंधित विषयों का कार्यभार मौजूद होने के बावजूद स्वीकृत पदों की संख्या 00 दर्शाई गई है। इसके अलावा, प्रायोगिक कक्षाओं के लिए पहले 20 विद्यार्थियों का एक बैच माना जाता था, जबकि अब 40 विद्यार्थियों का मानदंड लागू किए जाने की बात सामने आई है।

इससे शिक्षकों का कार्यभार कम दर्शाए जाने तथा पदों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है। 40 से कम विद्यार्थियों में दिखाया जा रहा 00 शिक्षकों का यह भी दावा है कि कला और विज्ञान संकाय में 40 से कम विद्यार्थी होने पर कार्यभार 00 दिखाया जा रहा है।

महागांव में नई शिक्षा नीति पर विवाद

स्वाध्याय कक्षाओं के मानदंडों में हुए बदलाव के कारण पूर्णकालिक पदों के अंशकालिक अथवा सीएचबी क्लॉक ऑवर बेसिस में परिवर्तित होने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। फिलहाल उपलब्ध ऑनलाइन संच मान्यता को प्रारूप ड्राफ्ट स्वरूप का बताया जा रहा है।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि इस पर व्यापक चर्चा और आपत्तियां दर्ज कराना आवश्यक है। समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो जिले में बड़ी संख्या में शिक्षक अतिरिक्त हो सकते हैं, ऐसी प्रतिक्रिया विभिन्न शिक्षक संगठनों की ओर से सामने आ रही है।

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