Yavatmal Cooperative Society: यवतमाल जिले के नेर शहर स्थित महिला नागरी सहकारी पतसंस्था के जमाकर्ताओं की जमा राशि का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। अपने हक के पैसे वापस पाने की मांग को लेकर जमाकर्ताओं दिया। ने आज आमरण अनशन शुरू कर जुलाई 2025 में भी संस्था में जमा रकम को लेकर सवाल उठाए गए थे, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी अपेक्षित समाधान नहीं होने से जमाकर्ताओं में भारी नाराजगी है। पतसंस्था के 31 मार्च 2025 के बैलेंस शीट में दर्ज आंकड़ों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, संस्था के पास करीब 13 करोड़ 69 लाख रुपये की जमा राशि है। इसमें बचत जमा, दैनिक अल्प बचत, सावधि जमा, दाम दोगुना जमा तथा धनसंचयी जमा जैसी विभिन्न योजनाओं की राशि शामिल है। वहीं, संस्था की बैलेंस शीट में बड़े पैमाने पर कर्ज वितरण भी दर्शाया गया है। व्यापारिक कर्ज, कर्मचारी कर्ज तथा तारण कर्ज के माध्यम से करोड़ों रुपये वितरित किए जाने की जानकारी रिपोर्ट में सामने आती है।
इसके अलावा बैलेंस शीट में एनपीए वसूल किया जाने वाला ब्याज तथा पिछले घाटे जैसी मदों का भी उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, संस्था का पिछला घाटा 8 करोड़ 36 लाख रुपये से अधिक बताया गया है। एक ओर जमाकर्ताओं की करोड़ों रुपये की जमा राशि और दूसरी ओर बड़े पैमाने पर कर्ज वितरण तथा घाटे के आंकड़े सामने आने से संस्था के आर्थिक व्यवहार को लेकर जमाकर्ताओं की ओर से कई सवाल उठाए जा रहे हैं।
आज शुरू किए गए आमरण अनशन के दौरान जमाकर्ताओं ने "हमारी जमा राशि वापस की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए" जैसी मांगें उठाई। जमाकर्ताओं का कहना है कि उनकी जीवनभर की बचत संस्था में फंसी हुई है। रकम वापस नहीं मिलने के कारण कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जमाकर्ताओं के आंदोलन को देखते हुए अब प्रशासन और संबंधित विभाग इस पूरे आर्थिक मामले को गंभीरता से लेकर आवश्यक कार्रवाई करें तथा जमाकर्ताओं की जमा राशि का मुद्दा तत्काल हल करें, ऐसी मांग जोर पकड़ रही है।