मातोश्री स्कूल परिसर बना ‘दुर्घटनाओं का केंद्र 
यवतमाल

मातोश्री स्कूल परिसर बना ‘दुर्घटनाओं का केंद्र’, छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल

Mahagaon school negligence: महागांव के मातोश्री स्कूल परिसर में लगातार हो रहे हादसों से विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल। सर्विस रोड के गलत उपयोग और लापरवाही पर शिक्षा विभाग में शिकायत की गई।

आंचल लोखंडे

Mahagaon News: विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली शाला के रूप में स्थानीय ‘मातोश्री’ विद्यालय को पहचान मिली थी, लेकिन पिछले कुछ समय से विद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर लापरवाह दिखाई दे रहा है। परिणामस्वरूप स्कूल परिसर और आसपास का क्षेत्र दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है।

स्कूल के पास पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण विद्यार्थियों की जान लगातार खतरे में बनी हुई है। लोगों में रोष है कि स्कूल प्रबंधन की असावधानी के चलते यहां हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

सर्विस रोड के गलत इस्तेमाल का आरोप

विद्यालय के पास मौजूद सर्विस रोड, जिसे ट्रैफिक नियंत्रण और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, उसका सही उपयोग नहीं किया जा रहा है। सर्विस रोड के गलत इस्तेमाल से ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। नतीजतन मुख्य सड़क पर वाहन स्कूल के बिलकुल पास से तेज और खतरनाक तरीके से गुजरते हैं। स्कूल के पास अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बुधवार को भी एक हादसा हुआ। सौभाग्य से किसी की जान नहीं गई, लेकिन भविष्य में बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। लगातार हो रहे हादसों का प्रमुख कारण यह है कि विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन इन गंभीर मुद्दों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रहा है।

अभिभावकों के बढ़तe भय और रोष

विद्यालय की लापरवाही के विरोध में शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई है। अभिभावकों के बढ़ते भय और रोष को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता नितिन नरवाड़े ने स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ आवाज उठाई और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने पंचायत समिति और जिला परिषद शिक्षा विभाग के पास लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए ध्यान आकर्षित कराया है।

शिकायत में निम्न मांगें शामिल हैं

  • विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए तुरंत ठोस उपाय किए जाएं
  • स्कूल के पास ट्रैफिक सिक्योरिटी गार्ड की नियुक्ति की जाएं।
  • सर्विस रोड का सही उपयोग बिना देरी शुरू किया जाएं।
  • दुर्घटनाएं रोकने के लिए स्कूल परिसर में स्पीड ब्रेकर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
  • लापरवाह स्कूल प्रशासन के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएं।

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