मारेगांव नगर पंचायत  (सोर्सः सोशल मीडिया)
यवतमाल

खाली कुर्सी को पहनाई फूल माला, मुख्याधिकारी के रवैये का अनोखा विरोध, शिंदे गुट का मारेगांव नगर पंचायत पर धावा

Maregaon Civic Iissues: मारेगांव नगर पंचायत में विभिन्न नागरिक समस्याओं को लेकर शिंदे गुट ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। समय पर मुख्याधिकारी के उपस्थित न मिलने पर उनकी खाली कुर्सी को फूल माला पहनाई।

आंचल लोखंडे

Maregaon Nagar Panchayat Protest: मारेगांव शहर की विभिन्न नागरी समस्याओं को लेकर शिवसेना (शिंदे गुट) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आज बुधवार को नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। नागरिकों की समस्याओं का ज्ञापन मुख्याधिकारी को सौंपने के लिए पदाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि, निर्धारित समय पर मुख्याधिकारी सहित कुछ कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले।

इससे नाराज शिवसैनिकों ने अनोखे अंदाज में प्रशासन के कथित लेटलतीफ रवैये का विरोध करते हुए मुख्याधिकारी की खाली कुर्सी को फूलों की माला पहनाई। कुछ समय बाद मुख्याधिकारी कार्यालय पहुंचने पर पदाधिकारियों ने उन्हें भी फूलों की माला पहनाकर शहर की समस्याओं की ओर तत्काल ध्यान देने की मांग की। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन से नगर पंचायत कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए चर्चा का माहौल रहा।

15 दिन का अल्टीमेटम

शिवसेना (शिंदे गुट) के तालुका प्रमुख विशाल किन्हेकर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में शहर की विभिन्न मूलभूत समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। इनमें कचरा प्रबंधन, हायमास्ट व स्ट्रीट लाइट के कामों की जांच, शिक्षा कर में कथित असमानता, घर-घर लगाए गए स्कैनर से सफाई की गलत जानकारी दर्ज किए जाने की शिकायत, कचरा वाहनों एवं हेल्परों की संख्या बढ़ाना, आवारा मवेशियों का बंदोबस्त तथा कर्मचारियों द्वारा कार्यालयीन समय का पालन जैसे मुद्दे शामिल हैं।

सड़क किनारे कचरे का अंबार

ज्ञापन में कहा गया है कि शहर से कुछ दूरी पर ग्राम खापरी के पास नगर पंचायत द्वारा लाखों रुपये खर्च कर डंपिंग ग्राउंड तैयार किया गया है। इसके बावजूद मार्डी मार्ग के किनारे खुले में कचरा डाले जाने की शिकायत है। इससे दुर्गंध, गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ने से नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की बात पदाधिकारियों ने कही। सड़क किनारे डाला जा रहा कचरा 15 दिनों के भीतर डंपिंग ग्राउंड में ले जाने की व्यवस्था करने की मांग की गई है।

हायमास्ट व स्ट्रीट लाइट के खर्च की जांच की मांग

शहर में लगाए गए हायमास्ट तथा विभिन्न विद्युत खंभों पर हुए खर्च को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। संबंधित ठेकेदार द्वारा दर्शाई गई कीमत, बाजार मूल्य, इस्तेमाल किए गए साहित्य की गुणवत्ता तथा प्रत्यक्ष कार्य की गुणवत्ता की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई।

सफाई की गलत जानकारी भेजने का आरोप

नगर पंचायत द्वारा घर-घर लगाए गए स्कैनर के माध्यम से सफाई की जानकारी दर्ज किए जाने के मामले में भी जांच की मांग की गई। यदि सफाई हुए बिना ही सफाई पूर्ण होने की जानकारी शासन स्तर पर भेजी जा रही है, तो इसकी जांच कर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग ज्ञापन में की गई है।

कचरा गाड़ियां और सफाई कर्मी बढ़ाने की मांग

शहर की बढ़ती आबादी और कचरे की मात्रा को देखते हुए वर्तमान में कचरा उठाने वाले वाहनों की संख्या अपर्याप्त होने का आरोप लगाया गया। नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को कचरा लेकर वाहन तक जाना पड़ता है। इसलिए कचरा वाहनों की संख्या बढ़ाने तथा प्रत्येक वाहन पर आवश्यक हेल्पर उपलब्ध कराने की मांग की गई।

15 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन

ज्ञापन में नगर पंचायत प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा गया कि नागरिकों की उक्त समस्याओं पर 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो नागरिकों को साथ लेकर तीव्र आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों के लिए नगर पंचायत प्रशासन जिम्मेदार रहेगा, ऐसा शिवसेना (शिंदे गुट) के तालुका प्रमुख विशाल किन्हेकर ने कहा। इस अवसर पर शिवसेना (शिंदे गुट) के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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