Maregaon Zilla Parishad School: मारेगांव तहसील के जलका गांव स्थित पीएमश्री जिला परिषद शाला में शिक्षकों की भारी कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का मामला सामने आया है। शाला में कक्षा 1 से 8 तक कुल 65 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन यहां केवल दो शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें एक मुख्याध्यापक और एक शिक्षक शामिल हैं। बताया गया कि एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) कार्य में शिक्षक की व्यस्तता के कारण विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई बाधित हो रही है।
इस समस्या से नाराज अभिभावकों और विद्यार्थियों ने सोमवार को पंचायत समिति के शिक्षण विभाग परिसर में ही प्रतीकात्मक पाठशाला लगाकर विरोध को में न ने प्रदर्शन किया। उन्होंने विद्यालय में तत्काल अतिरिक्त शिक्षक नियुक्त करने की मांग की। घटना की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता राजू उंबरकर मौके पर पहुंचे। विद्यार्थियों और अभिभावकों ने उन्हें शिक्षकों की कमी से हो रहे शैक्षणिक नुकसान की जानकारी दी।
इसके बाद उंबरकर ने शिक्षा अधिकारी स्नेहदीप काटकर से चर्चा की। चर्चा के - दौरान शिक्षा अधिकारी स्नेहदीप काटकर ने बताया कि वर्तमान में शिक्षकों की भारी कमी है। उन्होंने सुझाव दिया कि शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) स्वयंसेवक शिक्षक की नियुक्ति करे तथा उसका मानदेय ग्राम पंचायत निधि से दिया जाए। इस पर मनसे नेता राजू उंबरकर ने स्वयंसेवक शिक्षक के वेतन की जिम्मेदारी उठाने की घोषणा की।
उनके इस आश्वासन के बाद अभिभावकों और विद्यार्थियों ने अपना आंदोलन एवं धरना समाप्त कर दिया। स्थानीय नागरिकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जलका पीएमश्री विद्यालय में नियमित शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
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मारेगांव प्रभारी गुट शिक्षा अधिकारी स्नेहदीप काटकर ने कहा कि GC शिक्षकों की कमी के चलते यह नौबत आई है कि शिक्षा देने शिक्षक नहीं है आने वाले दिनों में खनिकर्म से निधि प्राप्त होते ही जलका को शाला को एक और स्वयं सेवक शिक्षक दिया जाएगा।