Yavatmal Inter District Transfer: महाराष्ट्र में वर्ष 2024 में पवित्र पोर्टल के माध्यम से नियुक्त हुए नए शिक्षकों को अंतरजिला तबादले पर रोक की शर्त के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तत्कालीन शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर द्वारा नियुक्ति के समय लागू की गई इस शर्त के अनुसार शिक्षकों को सेवानिवृत्ति तक उसी जिले में सेवा करनी होगी। इस नियम के कारण अनेक शिक्षक अपने परिवार से दूर रहने को मजबूर हैं।
नौकरी मिलने की खुशी से अधिक उन्हें मातापिता, पतिपत्नी और छोटे बच्चों से अलग रहने का दर्द झेलना पड़ रहा है। शिक्षकों का कहना है कि नियुक्ति के समय उन्होंने मजबूरी में इस शर्त को स्वीकार किया था, लेकिन अब इसके गंभीर सामाजिक और पारिवारिक दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। शिक्षकों का तीन वर्ष का शिक्षण सेवक कार्यकाल वर्ष 2027 में समाप्त होगा।
इससे पहले सरकार इस नियम में ढील देकर अंतरजिला तबादले की अनुमति दे, ऐसी मांग शिक्षक और उनके परिवार कर रहे हैं।
इस नियम के कारण कई परिवार बिखर गए हैं। कहीं पति विदर्भ में कार्यरत है तो पत्नी पश्चिम महाराष्ट्र में नौकरी कर रही है। वृद्ध मातापिता की देखभाल करना कठिन हो गया है और छोटे बच्चों को भी माता या पिता से दूर रहना पड़ रहा है।
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त्योहारों और पारिवारिक आपात स्थितियों में भी परिवार का एक साथ होना मुश्किल हो गया है। महिला शिक्षिकाओं का कहना है कि सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस नीति के कारण उन्हें अपने छोटे बच्चों और परिवार से दूर रहकर नौकरी करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।शिक्षकों ने सरकार से इस नियम की समीक्षा कर अंतरजिला तबादले की सुविधा शुरू करने की मांग की है।