Khadki Health Sub Center: आदिवासी बहुल झरी जामणी तहसील के गणेशपुर (खड़की) स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र लंबे समय से कर्मचारियों के अभाव में बंद पड़ा है। लाखों रुपये की लागत से निर्मित सुसज्जित भवन उपयोग के अभाव में वीरान पड़ा है, जबकि क्षेत्र के ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहने को मजबूर हैं। इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्याप्त है।
सामाजिक कार्यकर्ता गणेश सुधाकर बेलेकर ने तहसील स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उपकेंद्र पर स्थायी स्वास्थ्य कर्मियों की तत्काल नियुक्ति की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि उपकेंद्र में कर्मचारियों के रहने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद इसे बंद रखा गया है, जिससे सरकार के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के दावे सवालों के घेरे में आ गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गणेशपुर (खड़की) और आसपास के अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उन्हें दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। आपातकालीन परिस्थितियों में यह स्थिति मरीजों के लिए गंभीर संकट बन जाती है।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर पूरी तरह तैयार स्वास्थ्य उपकेंद्र पर ताला लटका हुआ है। उन्होंने मांग की है कि उपकेंद्र को तत्काल शुरू कर स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। मांग पूरी नहीं होने पर सामाजिक कार्यकर्ता गणेश बेलेकर, सुरेंद्र गेडाम, प्रणव पुसनाके, गोविंदा बरडे एवं लक्ष्मण टोंगे ने ग्रामीणों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।