Yavatmal Municipal Council Action: यवतमाल नगर परिषद के अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने शुक्रवार, 22 मई को गोधनी मार्ग परिसर में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 45 अतिक्रमण हटाए, यह अभियान नगर परिषद के मुख्याधिकारी शुभम क्यातमवार तथा अतिक्रमण पथक प्रमुख अमोल मदने के नेतृत्व में चलाया गया। तहसील चौक से जाजू चौक होते हुए कॉलेज परिसर तक सड़क के दोनों ओर बने फुटपाथों पर किए गए अतिक्रमणों को जेसीबी और बुलडोजर की मदद से हटाया गया।
कार्रवाई के दौरान कई टपरियां, छोटे दुकानदारों के अतिक्रमण तथा फल और सब्जी विक्रेताओं के अस्थायी ठेले हटाए गए, जाजू चौक क्षेत्र में अधिक भीड़भाड़ होने के कारण विक्रेताओं को सड़क किनारे दुकानें न लगाने की चेतावनी भी दी गई। नगर परिषद प्रशासन ने बताया कि कार्रवाई से पहले संबंधित व्यापारियों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के नोटिस दिए गए थे। इनमें से कई छोटे व्यापारियों ने पहले ही अपनी दुकानें हटा ली थी।
अभियान के दौरान नगर परिषद के 20 कर्मचारी तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20 पुलिसकमों और अधिकारी तैनात किए गए थे। कोई निजी अतिक्रमित कार्यालय दिखाई नहीं दिया। इस मामले पर अतिक्रमण पथक प्रमुख अमोल मदने ने कहा कि हमें इस मार्ग पर ऐसा कोई निजी अतिक्रमित कार्यालय दिखाई नहीं दिया। अतिक्रमण हटाने के दौरान कई बार विरोध भी होता है, इसलिए सभी पक्षों को समझकर कार्रवाई की जाती है। इस मामले की भी जानकारी लेकर आगे उचित कार्रवाई की जाएगी। आगे भी अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा।
कार्रवाई के बाद शहर में इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई कि गोधनी मार्ग स्थित जिला परिषद कर्मचारी पतसंस्था के सामने नगर परिषद उपाध्यक्ष दत्ता कुलकर्णी और स्वीकृत नगरसेवक अमोल देशमुख के वर्षों पुराने जनसंपर्क कार्यालयों को अतिक्रमण हटाओ अभियान में नजरअंदाज किया गया।
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स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ये कार्यालय भी सड़क किनारे अतिक्रमण क्षेत्र में आते हैं, लेकिन नगर परिषद के दस्ते ने उन्हें छुआ तक नहीं। इससे लोगों में नाराजगी है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई केवल गरीबों और छोटे व्यापारियों तक ही सीमित है? क्या सत्ताधारियों के लिए अलग नियम लागू होते हैं?