यवतमाल-मुर्तिजापुर रेलमार्ग (सौजन्य-नवभारत) 
यवतमाल

नवंबर से पहले DPR मसौदा होगा पेश, यवतमाल-मुर्तिजापुर रेलमार्ग के लिए फील्ड और ट्रैफिक सर्वे पूरा

Yavatmal: वर्धा-नांदेड़ रेलमार्ग को जोड़ने वाले यवतमाल-मुर्तिज़ापुर गेज परिवर्तन प्रोजेक्ट में तेजी है। इस प्रोजेक्ट की रिपोर्ट मध्य रेलवे की ओर से नवंबर 2025 के अंत तक रेल बोर्ड के सामने पेश होगी।

प्रिया जैस

Yavatmal News: पश्चिम विदर्भ के विकास का केंद्रबिंदु माने जाने वाले और वर्धा-नांदेड़ रेलमार्ग को जोड़ने वाले यवतमाल-मुर्तिज़ापुर गेज परिवर्तन प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। इस ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) मध्य रेलवे की ओर से नवंबर 2025 के अंत तक रेल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत होने की संभावना है। इस रेलमार्ग का फील्ड और ट्रैफिक सर्वे पूरा कर लिया गया है और संरेखण भी अंतिम रूप में तय हो चुका है।

ऑपरेटिंग विभाग के साथ समन्वय कर स्टेशन यार्ड प्लान तैयार कर लिए गए हैं और उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। अनुमानित खर्च का ब्योरा तैयार करने का काम जारी है और डीपीआर का मसौदा प्रगति पर है। सूचना के अधिकार के तहत यह जानकारी मध्य रेलवे से शकुंतला रेलवे विकास समिति के समन्वयक अक्षय पांडे को प्राप्त हुई है। पिछले कुछ वर्षों से जारी शकुंतला रेलवे विकास समिति के आंदोलन और लगातार किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख राज्यसभा के शून्यकाल में सांसद अनिल बोंडे ने किया था।

कैबिनेट कमिटी की अंतिम मंजूरी

समिति की तकनीकी पैरवी के बाद फरवरी 2024 में राज्य सरकार ने यवतमाल–मुर्तिज़ापुर ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के लिए 50 प्रतिशत वित्तीय सहयोग की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस प्रोजेक्ट को लेकर तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु के साथ बैठक की थी। इसके बाद अक्टूबर 2022 में एफएलएस सर्वेक्षण को मंजूरी मिली थी, जिसे मध्य रेलवे ने अब पूरा कर लिया है। कैबिनेट कमिटी (CCEA) की अंतिम मंजूरी पाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को वित्त विभाग, नीति आयोग और अन्य स्तरों से मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद ही रेल बोर्ड की ओर से यह प्रोजेक्ट मंत्रिमंडल समिति के समक्ष अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इस प्रक्रिया में एक-दो साल का समय लग सकता है।

आत्महत्या-प्रभावित क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण

कई दशकों से धीमी गति से चल रहे इस काम को अब वास्तविक स्वरूप मिलता दिखाई दे रहा है। किसान आत्महत्या-प्रभावित यवतमाल ज़िले की जीवनरेखा माने जा रहे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को राज्य सरकार ने प्राथमिकता से प्रस्तावित करना चाहिए, ऐसी मांग शकुंतला रेलवे विकास समिति ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की है। मुर्तिज़ापुर-यवतमाल रेलमार्ग के लिए अब तक सभी दलों के सांसदों ने लगातार प्रयास किए हैं। सांसद संजय देशमुख ने भी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की थी।

प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने की प्रतीक्षा

पिछले 60 वर्षों से शकुंतला ब्रॉडगेज के लिए केंद्र सरकार के समक्ष लगातार प्रयास जारी हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी दो बार रेल मंत्रियों को इस संबंध में पत्र लिखा था। मुख्यमंत्री की ‘वार रूम’ से इस प्रोजेक्ट की निगरानी होना ज़रूरी है। सर्वाधिक मांग वाले इस प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी कब मिलती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

  • अक्षय पांडे, समन्वयक, शकुंतला रेलवे विकास समिति

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