किडनैप हुए बच्चों की खोज तेज, 3 बच्चों के साथ अपहर्ता फरार, तेलंगाना से मारेगांव पुलिस लौटी खाली हाथ

Yavatmal Children Kidnapping: मारेगांव में खेत में मजदूरी का काम करनेवाले और खेत में ही रहने वाले मजदूर के तीन बच्चों को बेहतर परवरिश करने और पढ़ाई का झांसा देकर एक परिचित व्यक्ति ही भगाकर ले गया।
Yavatmal Crime News: यवतमाल जिले में अच्छी परवरिश के नाम पर 3 मासूमों के अपहरण की खबर सामने आई है। इस खबर के बाद मारेगांव में सनसनी फैल गई है। इसके तार तेलंगाना से जुड़े बताए जा रहे है।
मासूमों का अपहरण (सौजन्य-नवभारत)
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Yavatmal News: यवतमाल जिले के मारेगांव संभाग में माता-पिता को बच्चों की अच्छी परवरिश और शिक्षा देने का वादा करके तीन बच्चों का अपहरण करने वाला आरोपी देविदास वावरे तेलंगाना के निशानघाट (आदिलाबाद) का रहने वाला है, वह भी अपने घर से गायब हो गया है। मारेगांव पुलिस को आरोपी के घर पर ताला लगा दिखाई दिया।

इसके बाद पुलिस ने आसपास के पूरे क्षेत्र में तलाशी लेने के बाद भी आरोपी का पता नहीं चल पाया। जिसके बाद मारेगांव पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। पुलिस ने तीन बच्चों की घर वापसी अभियान को तेज़ कर दिया है और विभिन्न टीमों के माध्यम से बताया कि आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। 19 सितंबर को आरोपी देवीदास अंबादास वावरे ने तहसील के बोटोणी क्षेत्र में रहनेवाले लक्ष्मण गोमा टेकाम के तीन बच्चों का अपहरण किया।

आरोपी की तलाश में तेलंगाना पहुंची पुलिस

उसने गरीब माता-पिता को यह विश्वास दिलाया कि वह उनके बच्चों की अच्छी परवरिश और शिक्षा सुनिश्चित करेगा। लेकिन अगले दिन जब माता-पिता ने बच्चों की स्थिति जानने के लिए फोन किया, तो आरोपी का फोन बंद था। इसके बाद माता-पिता ने तेलंगाना जाकर आरोपी के घर बच्चों की तलाश की, तब अपहरण का मामला सामने आया। घबराए माता-पिता ने 23 सितंबर को मारेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश में टीमों को तेलंगाना भेजा, लेकिन आरोपी के घर पर ताला होने और पूरे क्षेत्र में खोज के बाद भी उसे नहीं पाया जा सका। इस घटना ने तहसील में हड़कंप मच गया। आरोपी देविदास वावरे पांढरकवड़ा तहसील का मूल निवासी है। 20 साल पहले वह पांढरकवड़ा छोड़कर फरार हो गया था। उसके परिवार ने उस पर गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई थी। तब से आरोपी का परिवार से कोई संपर्क नहीं था।

जान पहचान काम पर जाने के दौरान हुई

अपहरण किए गए बच्चों के माता-पिता की आरोपी देविदास वावरे से एक साल पहले निशानघाट, आदिलाबाद में मज़दूरी के काम के दौरान पहचान हुई थी। इस पहचान का फायदा उठाकर आरोपी फरियादी के घर आया और माता-पिता को बच्चों की अच्छी परवरिश और शिक्षा देने का भरोसा दिलाकर तीन बच्चों को अपने साथ ले गया।

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