Washim District Collector Office Protest: मनरेगा से मंजुर हुए सिंचाई कुएं के निर्माण कार्य पूरा करने के बावजूद भी अनुदान की राशि विगत दो वर्षों से नहीं मिलने के निषेधार्थ किसानों ने सोमवार को यहां के जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अर्धनग्न आंदोलन किया। स्वाभीमानी किसान संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष दामुअण्णा इंगोले के नेतृत्व में यह आंदोलन किया गया।
वाशिम जिले के कुल 8 हजार 493 किसानो के सिंचाई कुएं का अनुदान गत दो वर्षों से लंबित रहने का आरोप आंदोलनकर्ताओ ने किया है। मनरेगा के तहत कुए मंजूर होने के बाद किसानों ने सरकारी नियमों के अनुसार निर्माण कार्य पूरा किया है, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी अनुदान की राशि नही मिली। जिस से निर्माण कार्य के लिए किए खर्च किसानों पर बोझ बना हुआ है। इस कारण से संबंधित किसानों के सामने आर्थिक संकट निर्माण हुआ है।
अनुदान को प्रतीक्षा में रहनेवाले किसान जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में एकठ्ठा हुए और सभी ने अर्धनग्न आंदोलन किया। इस समय उन्होंने सरकार के नीति के विरोध में घोषणाबाजी की। प्रलंबित अनुदान तुरंत वितरित करने की मांग इस अवसर पर उन्होंने की। आंदोलन के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का एक निवेदन जिलाधिकारी को सौंपा। योग्य किसानों के खाते में सिंचाई कुएं के अनुदान की राशि तुरंत जमा करने की मांग निवेदन में की गई।
आंदोलन की दखल लेते हुए जिप के योजना के गुट विकास अधिकारी किरण सांगले ने आंदोलन कर्ताओं से भेंट करके आंदोलनकर्ता किसानों से चर्चा की। केंद्र सरकार से निधि प्राप्त होते ही योग किसानो के खाते में अनुदान की राशि जमा किए जाने का आश्वासन उन्होने दिया।