Wardha Political Controversy: वर्धा नगर परिषद की नगर रचना अधिकारी भाग्यश्री बोरकर को कथित रूप से धमकाने और अपमानित करने के मामले में पुलिस शिकायत दर्ज होने के बाद पार्षद श्वेता पाठक के पति वरुण पाठक द्वारा भाजपा नेताओं की शरण लिए जाने का मामला इन दिनों शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। शुक्रवार को शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद वरुण पाठक ने भाजपा के कुछ नेताओं के साथ वर्धा दौरे पर आए राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात की। इस दौरान पुलिस कार्रवाई से राहत दिलाने तथा नगर रचना अधिकारी भाग्यश्री बोरकर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग किए जाने की चर्चा है।
इस घटनाक्रम का राजनीतिक पहलू इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पार्षद श्वेता पाठक राकांपा शरद पवार गुट से जुड़ी हुई हैं। वर्धा के सांसद अमर काले भी इसी गुट से संबंधित हैं। इसके बावजूद श्वेता पाठक के पति वरुण पाठक द्वारा भाजपा नेताओं के माध्यम से राजस्व मंत्री से मुलाकात किए जाने को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पूरे विवाद की शुरुआत एक गरीब महिला द्वारा बनाए गए शौचालय को लेकर हुई। संबंधित महिला ने अपनी आवश्यकता को देखते हुए शौचालय का निर्माण कराया था। आरोप है कि इस शौचालय को तोड़ने के संबंध में नगर परिषद की नगर रचना अधिकारी भाग्यश्री बोरकर पर दबाव बनाया गया। इसी दौरान अधिकारी को कथित तौर पर धमकाने तथा अपमानित करने का आरोप सामने आया। इसके बाद नगर रचना अधिकारी भाग्यश्री बोरकर ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद वरुण पाठक की राजनीतिक सक्रियता बढ़ने की चर्चा है। भाजपा के कुछ नेताओं के साथ उनकी राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात को इसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जाता है कि पाठक ने पुलिस कार्रवाई से बचने के साथ ही महिला अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग भी रखी। एक ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट से जुड़ी नगरसेविका के पति का भाजपा नेताओं के माध्यम से मंत्री तक पहुंचना और दूसरी ओर उसी मामले में पुलिस शिकायत दर्ज होना।
इस पूरे विवाद का दूसरा पहलू संबंधित गरीब महिला से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि महिला अपने द्वारा बनाए गए शौचालय को बचाने के लिए नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काट रही है। महिला के लिए शौचालय केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि परिवार की मूलभूत आवश्यकता से जुड़ा विषय है। सरकार द्वारा स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए लगातार नागरिकों से अपने घरों में शौचालय निर्माण करने का आग्रह किया जाता है।