Wardha Public Works Department: वर्धा लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता एकनाथ टिकले की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। घोराड-सिरसगांव के 50.66 किलोमीटर मार्ग के निर्माण कार्य में सामने आई अनियमितताओं को लेकर अब टिकले के खिलाफ अनुशासन भंग की कार्रवाई करने के निर्देश महाराष्ट्र सरकार के कक्षाधिकारी सुनील कुंभार ने दिए हैं। इस संबंध में लोक निर्माण प्रादेशिक विभाग, नागपुर के मुख्य अभियंता के नाम पत्र जारी किया गया है। ऐसे में कार्यकारी अभियंता एकनाथ टिकले के खिलाफ संबंधित विभाग क्या कार्रवाई करता है, इस ओर सभी की निगाहें लगी हुई हैं।
ज्ञात हो कि HAM-ANG-131 नागपुर-हिंगना-हिंगणी-सेलू-मदनी-वडनेर मार्ग के मरम्मत का कार्य किया गया है। इसमें घोराड से सिरसगांव के बीच 50.66 किलोमीटर मार्ग के कार्य में भारी अनियमितता और नियमों का उल्लंघन होने की शिकायत की गई थी। इसकी जानकारी चंद्रपुर के अधीक्षक अभियंता को भी दी गई थी। इसके बाद जांच अधिकारी नियुक्त कर मामले की जांच कराई गई। जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर कार्य का निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं। इसकी विस्तृत रिपोर्ट अधीक्षक अभियंता, चंद्रपुर को भी सौंपी गई थी। इसके में बावजूद मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
आखिरकार यह प्रकरण वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद चंद्रपुर के अधीक्षक अभियंता और वर्धा के कार्यकारी अभियंता से जवाब मांगा गया। देवली के विधायक राजेश बकाने ने भी मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि माइक्रोसिल सरफेसिंग का कार्य पूर्ण नहीं होने के बावजूद संबंधित एजेंसी को राशि का भुगतान किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार के कक्षाधिकारी सुनील कुंभार ने लोक निर्माण विभाग, नागपुर के मुख्य अभियंता के नाम पत्र जारी किया है। इसमें अनियमितताओं के लिए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासन भंग की कार्रवाई करने तथा दोषारोपपत्र का प्रस्ताव आवश्यक दस्तावेजों के साथ आठ दिनों के भीतर सरकार को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा विधायक राजेश चकाने ने आंजी के ग्रामीण अस्पताल के निर्माण कार्य की निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत भी की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अपात्र ठेकेदार की निविदा को कार्यकारी अभियंता एकनाथ टिकले द्वारा मंजूरी दिलाई गई, विधायक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कक्षाधिकारी ने नागपुर के मुख्य अभियंता को मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई और जांच के आदेश जारी होने के बाद कार्यकारी अभियंता एकनाथ टिकले पर कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है।