प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
वर्धा

वर्धा में कृषि संकट: कर्ज और फसल बर्बादी ने ली एक और किसान की जान, खेत में ही खत्म की जीवनलीला

Wardha Farmer: वर्धा जिले के हर्राशी क्षेत्र में कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। फसल नुकसान और बैंक कर्ज की चिंता में रोहिदास चव्हाण ने खेत में ही आत्मघाती कदम उठाया।

अंकिता पटेल

Farmer Suicide Case Wardha Maharashtra: महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला वर्धा जिले के आर्वी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हर्राशी परिसर से सामने आया है, जहाँ एक 44 वर्षीय किसान ने बैंक कर्ज और फसल की बर्बादी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। मृतक की पहचान रोहिदास मोहनसिंग चव्हाण (44) के रूप में हुई है।

कर्ज और कुदरत की मार से टूटा हौसला

जानकारी के अनुसार, रोहिदास और उनकी पत्नी शीतल के पास कुल पांच एकड़ खेती है। इसमें से जामखुटा परिसर में स्थित 2 एकड़ जमीन पर दोनों पति-पत्नी मिलकर मेहनत करते थे।

उन्होंने अपनी भूमि के एक हिस्से में संतरे का बगीचा लगाया था और साथ ही कपास व तुअर की फसल भी ली थी। खेती की लागत और सुधार के लिए रोहिदास ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, वाढोना शाखा से कर्ज लिया था।

हालांकि, इस वर्ष प्रकृति ने साथ नहीं दिया। भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम के कारण कपास, तुअर और संतरे की फसल को भारी नुकसान पहुँचा। उम्मीद के मुताबिक फसल न होने के कारण रोहिदास कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं थे, जिससे वे पिछले कुछ समय से गहरे मानसिक तनाव में थे।

खेत में ही उठाया आत्मघाती कदम

यह दुखद घटना 28 दिसंबर की है। रोहिदास अपनी पत्नी शीतल और दोनों बच्चों के साथ रोज की तरह सुबह खेत पर काम करने गए थे। दिन भर मेहनत करने के बाद शाम को शीतल बच्चों के साथ घर लौट आईं, जबकि रोहिदास यह कहकर खेत में ही रुक गए कि वे कुछ देर बाद आएंगे।

देर शाम जब वे घर नहीं लौटे और फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिला, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। शंका होने पर शीतल अपने देवर राजू चव्हाण और बलिराम चव्हाण के साथ खेत पहुँचीं।

वहाँ उन्होंने देखा कि रोहिदास खेत में बने मकान के पास अचेत अवस्था में जमीन पर पड़े हुए थे। उन्होंने खेत में ही जहरीली दवा का सेवन कर लिया था।

अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत

परिजनों ने तत्काल रोहिदास को उठाकर आर्वी के उपजिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की रिपोर्ट और प्राथमिक जानकारी के अनुसार, फसल नुकसान और बैंक के बढ़ते कर्ज की चिंता ही आत्महत्या का मुख्य कारण मानी जा रही है।

आर्वी पुलिस ने मृतक की पत्नी शीतल चव्हाण की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर विदर्भ में किसानों की दयनीय स्थिति और कृषि नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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