

CM Yogi Adityanath on Youth: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि माफिया तंत्र युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन है। चाहे वह शिक्षा माफिया हो, नकल माफिया, पेशेवर माफिया, खेल माफिया या ड्रग माफिया किसी भी क्षेत्र में माफिया का प्रभाव बढ़ने से सबसे ज्यादा नुकसान युवाओं को होता है।
सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर परिसर में नागपंचमी के अवसर पर खेल विभाग और जिला कुश्ती संघ की ओर से आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन और पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को माफिया तंत्र से बचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवा के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाला कोई भी माफिया हो, उसके खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।
योगी ने कहा कि नकल, शिक्षा या किसी अन्य क्षेत्र में सक्रिय माफिया यदि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करता है तो उसकी संपत्ति जब्त करने जैसी कार्रवाई की जा रही है।
सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों के एजेंडे में खेल और युवा नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए उन सरकारों ने युवाओं के हित में काम करने के बजाय व्यवस्था को माफिया के हवाले कर दिया।
उन्होंने कहा कि आज जो लोग युवाओं की बात कर रहे हैं, उनके एजेंडे में पहले युवा नहीं थे और अब वे युवाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की खेल नीति के तहत देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की गई है। उनके मुताबिक अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को सहायक निदेशक से लेकर यूपी पुलिस में डिप्टी एसपी तक के पद दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले एक महीने के भीतर 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को यूपी पुलिस तथा अन्य विभागों में नौकरी दी जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 6 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 4 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये देती है।
ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये, जबकि कॉमनवेल्थ और एशियाड में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार प्रदेश में खेलों के लिए पूरा इकोसिस्टम तैयार कर रही है। इसके तहत हर गांव में खेल का मैदान और ओपन जिम, हर विकासखंड में मिनी स्टेडियम तथा हर जिले में स्टेडियम विकसित करने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक कमिश्नरी स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज और स्पोर्ट्स कॉलेज में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं।
योगी ने बताया कि मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई गई है, जहां पाठ्यक्रम और खेल गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं तथा विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को ड्रग्स के साथ-साथ स्मार्टफोन की लत से भी बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नशा माफिया युवा पीढ़ी को नष्ट कर देश को कमजोर करना चाहता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर भी नियंत्रण रखना चाहिए। उनके मुताबिक यदि युवा रोजाना स्मार्टफोन पर बिताए समय में से कुछ समय बचाकर शरीर और खेलकूद को दें तो इससे उनका स्वास्थ्य बेहतर होगा और मानसिक तनाव भी कम होगा।
योगी ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए पहला नियम आत्म-अनुशासन और आत्म-संयम है। खिलाड़ी को समय पर सोने-जागने, खान-पान और गुरु-शिष्य परंपरा का पालन करना चाहिए।
उन्होंने पहलवानों का उदाहरण देते हुए कहा कि अखाड़े में उतरने से पहले पहलवान अपने गुरु और उस्ताद को प्रणाम करता है। यह सम्मान और अनुशासन उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही नई ‘युवा नीति’ लेकर आएगी। इसके तहत युवाओं के लिए कई नए कार्यक्रम और आयोजन शुरू किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग’ को हर कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंचाने की योजना है। साथ ही हर जिले में एक एम्प्लॉयमेंट जोन बनाया जाएगा, जहां युवाओं को एक ही जगह पर स्किलिंग और रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था होगी।
योगी ने युवाओं से इन अवसरों का लाभ उठाने और 2030 में भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी शुरू करने का आह्वान किया।