गणेशोत्सव डिजिटल उपक्रम  (सोर्सः सोशल मीडिया)
वर्धा

Wardha News: बाप्पा डॉट को जिले में शून्य प्रतिसाद, पिछले वर्ष एक मंडल ने कराया था पंजीयन

Wardha Bappa Dot: वर्धा जिले में ‘बाप्पा डॉट’ डिजिटल उपक्रम को इस वर्ष अब तक शून्य प्रतिसाद मिला है। जिले में 299 स्थानों पर सार्वजनिक गणेश प्रतिमाएं स्थापित हुई हैं।

आंचल लोखंडे

Wardha Ganeshotsav Digital Initiative: महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक अस्मिता वाले गणेशोत्सव की परंपराओं में मूर्तिकारों, लोककलाकारों और विभिन्न पारंपरिक कलाओं से जुड़े कारीगरों का महत्वपूर्ण योगदान है।

इन कला परंपराओं का स्थायी डिजिटल दस्तावेजीकरण कर उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने, आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और महाराष्ट्र की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पिछले वर्ष ‘बाप्पा डॉट’ उपक्रम शुरू किया था।

शून्य प्रतिसा

हालांकि, इस वर्ष जिले में इस उपक्रम को अब तक शून्य प्रतिसाद मिला है। विशेष बात यह है कि पिछले वर्ष एक सार्वजनिक मंडल ने पंजीयन कराया था और उसे पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। इस वर्ष अभी तक एक भी सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल ने पंजीयन नहीं कराया है।

यूनेस्को का अमूर्त विश्व सांस्कृतिक विरासत दर्जा के लिए प्रयास

यूनेस्को से भी जुड़ा है उपक्रम गणेशोत्सव की समृद्ध परंपराओं के डिजिटल दस्तावेजीकरण के उद्देश्य से महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग ने ‘बाप्पा डॉट ओआरजी’ डिजिटल उपक्रम शुरू किया है। इसके माध्यम से गणेशोत्सव को यूनेस्को का अमूर्त विश्व सांस्कृतिक विरासत दर्जा दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। महाराष्ट्र के गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव का दर्जा दिया गया है।

व्यापक मंच उपलब्ध कराने का प्रयास

इस डिजिटल मंच के माध्यम से कला, संस्कृति, ज्ञान, परंपरा और उद्यमिता को व्यापक मंच उपलब्ध कराने का प्रयास है। पुरातत्व संचालनालय द्वारा विकसित आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से महाराष्ट्र सहित देश और दुनिया के 35 से अधिक शहरों के नागरिक अपने सार्वजनिक गणेशोत्सव की तस्वीरें, वीडियो, सजावट, धार्मिक विधियां, ऐतिहासिक स्मृतियां और पारंपरिक खाद्य संस्कृति आदि की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।

एक भी सार्वजनिक मंडल आगे नहीं आया

लेकिन जिले में अब तक किसी भी सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल ने इसमें भाग लेने के लिए पंजीयन नहीं कराया है। डिजिटल अभियान में सहभागिता जरूरी इस डिजिटल अभियान में शामिल होकर नागरिक अपने सार्वजनिक गणेशोत्सव की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसमें योगदान देने वाले नागरिकों को शासन की ओर से ‘डिजिटल कल्चरल प्रिजर्वर प्रमाणपत्र’ देकर सम्मानित किया जाएगा। गणेशोत्सव की परंपराओं के संरक्षण के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना आवश्यक है।

मंडलों को किया जाएगा सम्मानित

वर्धा अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे ने कहा कि जिले में इस वर्ष 299 स्थानों पर सार्वजनिक गणेश प्रतिमाओं की स्थापना हुई है। गणेशोत्सव के मद्देनजर पुलिस विभाग की ओर से ‘गणराया’ उपक्रम चलाया जा रहा है। प्रत्येक पुलिस थाना स्तर से तीन और जिला स्तर पर तीन उत्कृष्ट सार्वजनिक गणेश मंडलों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।’

गणेशमंडलों का प्रतिसाद नहीं मिल रहा

वर्धा नोडल अधिकारी तथा डीपीओ ज्ञानेश्वर खडतकर ने कहा कि ‘बाप्पा डॉट ओआरजी डिजिटल उपक्रम चलाया जा रहा है। हालांकि, अब तक जिले के किसी भी सार्वजनिक गणेश मंडल ने इस उपक्रम में सहभागी होने के लिए पंजीयन नहीं कराया है।’

राहुल ने PM मोदी को दी खुली चुनौती: बोले- डरिए मत, मंच पर आमने-सामने बैठिए; राजनाथ-समेत 4 नेताओं से की अपील

SIR: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब तो भी भर सकेंगे फॉर्म-6, चुनाव आयोग ने दी बड़ी राहत

दिवाली-छठ पर यूपी-बिहार वालों को ट्रेनों में मिल सकता है कन्फर्म टिकट, रेलवे चला रहा करीब 2,000 स्पेशल ट्रेनें

30 नवंबर से पेंशन आना हो जाएगा बंद, UPS पेंशनर्स फटाफट पूरा करें ये काम

कर्जत में 100 एकड़ का अनंत आश्रय, 5,000 से अधिक लोगों को मिलेगा घर; बदलेगी आसपास के गांवों की तस्वीर?