मुंबई में भारी गणेश प्रतिमाओं के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य, BMC का फैसला, वॉर्ड स्तर पर बनेगी टीम

Mumbai BMC News: भूलेश्वर हादसे के बाद BMC का फैसला 1 टन से अधिक की गणेश प्रतिमाओं के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य। निर्माण से आगमन तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी विशेष टीम।
Mumbai Fitness certificate mandatory for heavy Ganesh idols
बीएमसी फिटनेस सर्टिफिकेट भारी गणेश प्रतिमासोर्स- सोशल मीडिया
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Mumbai BMC Fitness Certificate Heavy Ganesh Idols: गणेशोत्सव के दौरान प्रतिमाओं के आगमन को सुरक्षित बनाने के लिए बीएमसी प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। भूलेश्वर में गणेश प्रतिमा के आगमन के दौरान हुए हादसे के बाद अब एक टन से अधिक वजन वाली गणेश मूर्तियों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही प्रतिमा के निर्माण के लिए ऑर्डर दिए जाने से लेकर उसके तैयार होने और मंडल तक पहुंचने तक की पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी।

भारी मूर्तियों की विशेष रूप से निगरानी की जाएगी, ताकि आगमन के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके। इस संबंध में एसओपी तैयार करने के लिए गुरुवार को डीएमसी जोन-2 के अधिकारी प्रशांत सपकाले की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में प्रतिमाओं की सुरक्षा, फिटनेस प्रमाणपत्र और उनके परिवहन से जुड़े नियमों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

इसी बीच, बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने रोड विभाग और सभी वॉर्ड अधिकारियों को गणेशोत्सव के दौरान प्रतिमाओं के आगमन तथा विसर्जन के लिए इस्तेमाल होने वाले रास्तों को गड्ढामुक्त रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मानना है कि भारी प्रतिमाओं के परिवहन के दौरान सड़क की खराब स्थिति भी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

प्रत्येक वॉर्ड कार्यालय में एक विशेष टीम करेगी निगरानी

दरअसल, शनिवार को भूलेश्वर में भूलेश्वरचा राजा' की प्रतिमा के आगमन के दौरान वेल्डिंग सपोर्ट टूट गया था। इसके चलते गणेश प्रतिमा आगे की ओर गिर गई। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए थे।

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  • घटना की रिपोर्ट बीएमसी की अतिरिक्त आयुक्त प्राजक्ता लवंगारे-वर्मा को सौपी गई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसी चर्चा के बाद भारी गणेश प्रतिमाओं के फिटनेस सर्टिफिकेट को अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया।

  • प्रत्येक वॉर्ड कार्यालय में एक विशेष टीम गठित कर इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी। संबंधित वॉर्ड अधिकारी इस टीम का नेतृत्व करेंगे। बीएमसी का उद्देश्य निर्माण से लेकर प्रतिमा के सुरक्षित आगमन तक हर चरण की जानकारी उपलब्ध रखना और गणेशोत्सव के दौरान भारी प्रतिमाओं से जुड़े जोखिम को कम करना है।

  • मुंबई बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर यह भी सामने आया है कि भूलेश्वर की घटना में प्रतिमा का पूरी तरह से तैयार और मजबूत नहीं होना एक संभावित कारण हो सकता है।

  • इसी को ध्यान में रखते हुए अब एक टन से अधिक वजन वाली प्रतिमाओं का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

  • प्रशासन मूर्तिकारों के साथ समन्वय कर यह जानकारी जुटाएगा कि प्रतिमा का ऑर्डर कब दिया गया, उसे किस सामग्री और तकनीक से तैयार किया जा रहा है, निर्माण में कितना समय लगेगा और प्रतिमा पूरी तरह मजबूत होने में कितने दिन लगेंगे।

  • इसके अलावा संबंधित गणेश मंडल कौन-सी प्रतिमा अपने मंडप तक लेकर जाएगा, इसकी जानकारी भी रिकॉर्ड में दर्ज की जाएगी।

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