Wardha Devli road project (सोर्सः सोशल मीडिया) 
वर्धा

शक्तिपीठ महामार्ग के लिए संयुक्त मापन रिपोर्ट MSRDC को सौंपी, 802 किमी लंबा होगा मार्ग

Shaktipith Expressway Project: महाराष्ट्र के महत्वाकांक्षी शक्तिपीठ महामार्ग के लिए वर्धा जिले में भूमि मापन पूरा होने के बाद संयुक्त सर्वेक्षण रिपोर्ट MSRDC को भेज दी गई है।

आंचल लोखंडे

Wardha Land Acquisition Highway: विदर्भ, मराठवाड़ा, पश्चिम महाराष्ट्र और कोंकण को जोड़ते हुए गोवा तक पहुंचने वाला शक्तिपीठ महामार्ग राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। यह महामार्ग वर्धा जिले के पवनार से लेकर सिंधुदुर्ग के पत्रादेवी तक कुल 802 किलोमीटर लंबा होगा और जिले के दो तहसीलों से होकर गुजरेगा।

इस परियोजना के लिए जिले के 20 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। हाल ही में जमीन का मापन पूरा होने के बाद संयुक्त भूमि सर्वेक्षण रिपोर्ट (JLSR) वर्धा उपविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत की गई है। इसके बाद यह रिपोर्ट तुरंत महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) को भेज दी गई है।

8,615 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी

अब जिला प्रशासन को भूमि अधिग्रहण से संबंधित मार्गदर्शक निर्देशों का इंतजार है। निर्देश मिलते ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। यह महामार्ग राज्य के 12 जिलों, 39 तहसीलों और 371 गांवों की सीमाओं से होकर गुजरेगा। इसके लिए पूरे राज्य में लगभग 8,615 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी।

वर्धा जिले में 486 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण

वर्धा जिले में यह महामार्ग वर्धा तहसील के 10 और देवली तहसील के 10 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए जिले में कुल 486.789 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। महामार्ग के लिए आवश्यक जमीन का मापन भूमि अभिलेख विभाग द्वारा किया गया है। शुक्रवार को बजट पेश करते समय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना का विशेष उल्लेख किया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की जमीन इस परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें बाजार मूल्य से अधिक मुआवजा दिया जाएगा।

इन गांवों से होकर गुजरेगा शक्तिपीठ महामार्ग

शक्तिपीठ महामार्ग वर्धा तहसील के दिग्रस, पाढरकवडा, झाड़गांव, गणेशपुर, तिगांव, रोठा, धोत्रा (रेलवे), निमगांव, पढेगांव और चिकनी गांवों से होकर गुजरेगा।

वहीं देवली तहसील के देवली, इसापुर, काजलसरा, वाटखेडा, बाभूलगांव (खोसे), सैदापुर, कर्मलापुर, वाबगाव, काशिमपुर और खर्डा गांव भी इस परियोजना के दायरे में आएंगे। इन गांवों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से संबंधित रिपोर्ट MSRDC को भेज दी गई है और अब प्रशासन को आगे की कार्रवाई के लिए मार्गदर्शक निर्देशों का इंतजार है।

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