जलापूर्ति टैक्स की वसूली अत्यंत कम (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
वर्धा

जलापूर्ति टैक्स की वसूली अत्यंत कम, 8 ग्रापं अधिकारियों की वेतनवृद्धि पर लग सकती है रोक

Recovery Of Water Supply Tax : कारंजा-घाडगे तहसील के प्रादेशिक जलापूर्ति योजना के अंतर्गत ग्रामपंचायतों द्वारा जिला परिषद को जमा किए जाने वाले जलकर की वसूली में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है।

आंचल लोखंडे

Wardha News: कारंजा-घाडगे तहसील के प्रादेशिक जलापूर्ति योजना के अंतर्गत ग्रामपंचायतों द्वारा जिला परिषद को जमा किए जाने वाले जलकर की वसूली दर अत्यंत कम होने के कारण और निर्धारित समय सीमा के बावजूद वसूली में कोई उल्लेखनीय सुधार न होने के चलते, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण ने संबंधित आठ ग्राम पंचायत अधिकारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए हैं। इस संदर्भ में ग्रामसेवक संगठन ने पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी जतिन रहमान से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया था।

24 मार्च को संबंधित ग्रामपंचायत अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी की गई थी। लेकिन निर्धारित समय में उसका स्पष्ट उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। वर्तमान में भी वसूली दर में कोई संतोषजनक सुधार न होने के कारण अब 13 अगस्त की दोपहर 3 बजे मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण के कक्ष में इस विषय पर सुनवाई तय की गई है।

अंतिम निर्णय पर नज़र

इस निर्णय से संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारियों में चिंता की लहर फैल गई है। इस संबंध में उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी अमोल भोसले द्वारा तैयार किया गया पत्र पंचायत समिति को भेजा गया है। अब यह देखना अहम होगा कि सीईओ पराग सोमण इस मामले में क्या अंतिम निर्णय लेते हैं। पंस सहित पूरे ग्राम पंचायतों में इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।

ग्रापं अधिकारियों की वेतनवृद्धि रोकी जा सकती है

जिला परिषद प्रशासन के पत्र के अनुसार तहसील के दिनेश पोहेकर ग्रापं चिंचोली, राहुल खेरडे ग्रापं बोटोना, मयूर इंगोले ग्रापं मोर्शी, देवीदास राकस ग्रापं पारडी, विनायक देशमुख ग्रापं सारवाडी, मंगला नागपुरे ग्रापं सावली (बू.), नामदेव ढोबाले ग्रापं नारा व प्रदीप ताठे ग्रापं भालेवाडी आदि ग्राप अधिकारियों की वेतनवृध्दि रोकी जा सकती है़।

सुनवाई में हम अपनी बात रखेंगे: पोहेकर

ग्रामपंचायत अधिकारी संगठन कारंजा के सचिव दिनेश पोहेकर ने कहा कि इस मामले में तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी जतिन रहमान से चर्चा हुई थी। उन्होंने इस विषय की फाइल बंद कर दी थी। लेकिन नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण इस पर सुनवाई कर दोनों पक्षों की बात जानना चाहते हैं। जलापूर्ति विभाग द्वारा जो जानकारी संबंधित विभाग को दी गई है, वह संपूर्ण नहीं है। इसी वजह से यह परिस्थिति उत्पन्न हुई है। सुनवाई के दौरान हम अपनी बात रखेंगे. हमें विश्वास है कि हमें न्याय मिलेगा।

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