Wardha Micro Food Processing Industry: वर्धा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग योजना के अंतर्गत जिले में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
अब तक कुल 985 परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है, जिनमें से 810 परियोजनाओं को बैंकों के माध्यम से 18 करोड़ 27 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया है।
इस योजना का क्रियान्वयन जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कार्यालय के माध्यम से किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देना तथा किसानों, किसान समूहों और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
यह योजना केंद्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत वर्ष 2020-21 में पांच वर्षीय लक्ष्य को ध्यान में रखकर शुरू की गई थी। बाद में इसे एक वर्ष का विस्तार भी दिया गया।
योजना के अंतर्गत 'एक जिला एक उत्पाद' की नीति अपनाई गई है, जिससे स्थानीय कृषि उपज, कच्चे माल की सामूहिक खरीद, साझा सुविधाओं की उपलब्धता और उत्पादों के विपणन में सहायता मिल सके, इसमें आम, अंगूर, अनार जैसे नाशवंत फलों के अलावा मसाला फसलें, दुग्ध एवं पशु उत्पाद, मांस उत्पाद, चन उत्पाद तथा पारंपरिक एवं नवाचार आधारित कृषि उत्पादों को भी शामिल किया गया है।
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इसके अतिरिक्त कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, भंडारण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन के लिए भी सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे कच्चे माल की बर्बादी कम हो और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके।
योजना के अंतर्गत 60 प्रतिशत अंश केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत अंश राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। अब तक जिले की 810 परियोजनाओं को कुल 7 करोड 18 लाख रुपये का अनुदान वितरित किया गया है, वर्तमान वर्ष में योजना के तहत 352 प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 109 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई है।