Hinganghat Cooperative credit society fraud (सोर्सः सोशल मीडिया) 
वर्धा

हिंगनघाट में 43 लाख रुपये का बड़ा घोटाला, को-ऑपरेटिव सोसायटी पर ठगी के आरोप

Wardha Financial Scam: वर्धा के हिंगनघाट में मल्टीस्टेट अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी में 43 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।

आंचल लोखंडे

Hinganghat Cooperative Credit Society Fraud: हिंगनघाट में लगातार दूसरे दिन एक और बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। इस बार श्री ढोकेश्वर मल्टीस्टेट अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी की हिंगनघाट शाखा में 43 लाख 8 हजार 600 रुपये की धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ है। इस प्रकरण में रिजनल मैनेजर सहित कुल 6 कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही हिंगनघाट स्थित भारत फाइनान्स इन्क्लूजन लिमिटेड की शाखा में 49 लाख 46 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था। यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि एक और गड़बड़ी उजागर हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, न्यू यशवंत नगर निवासी सुधीर प्रभाकर सुपारे (45) ने हिंगनघाट थाने में शिकायत दर्ज कराई। वर्ष 2017 में उनके मकान में ढोकेश्वर मल्टीस्टेट अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी की 175 वीं शाखा शुरू की गई थी। इस शाखा में रिजनल मैनेजर श्रीराम काले निवासी शिक्षक कॉलोनी, तलेगांव, जोनल मैनेजर अक्षय भुगुल निवासी करीमनगर, आर्वी, शाखा अधीक्षक वैभव नरेंद्र चौधरी निवासी गडचांदूर, प्रभारी मैनेजर स्वप्नील धुले निवासी कन्नमवार ग्राम, विकास अधिकारी प्रशांत तायडे निवासी तलेगांव तथा एजेंट ललिता शशिकांत वाटेकर कार्यरत थे।

लगातार टालमटोल

शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2017 में अपनी कृषि भूमि बेचने के बाद प्राप्त राशि को निवेश करने के उद्देश्य से सोसायटी में खाता खोला। आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों ने उन्हें 13 प्रतिशत ब्याज तथा कम समय में अधिक लाभ का प्रलोभन दिया। उनके विश्वास में आकर उन्होंने अलग-अलग तिथियों में 15 लाख 10 हजार रुपये जमा किए। इसके अलावा एजेंट के माध्यम से 15 लाख रुपये 'सुवर्ण पूंजी योजना' में फिक्स डिपॉजिट के रूप में निवेश किए, एक वर्ष बाद एफडी की अवधि पूरी होने पर जब वे राशि लेने पहुंचे, तो उन्हें लगातार टालमटोल किया गया।

अन्य निवेशकों के साथ भी हुई धोखाधड़ी

जांच के दौरान सामने आया कि केवल शिकायतकर्ता ही नहीं, बल्कि अन्य कई लोगों के साथ भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी हुई। इनमें शहर के लालचंद ओमकारदास भुतड़ा ने 3।70 लाख रुपये, विजय पराशर 1 लाख रुपये, रजनी हुलके 10 लाख रुपये, अशोक राठी 1 लाख रुपये, अनामिका राठी 7 लाख रुपये, वसंत कापसे 3।23 लाख रुपये, सुरेश राखुंडे 1।25 लाख रुपये, अनिल राखुंडे 25 हजार रुपये तथा लक्ष्मन गुलाब महल्ले 55 हजार रुपये बैंक में भरें थे। इस प्रकार कुल 43 लाख 8 हजार 600 रुपये का निवेश किया गया, लेकिन अवधि पूरी होने के बावजूद किसी को भी राशि वापस नहीं मिली।

जांच में गड़बड़ी की हुई पुष्टि

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फिक्स डिपॉजिट और विभिन्न योजनाओं के नाम पर लोगों से रकम एकत्रित की, लेकिन उसे शाखा में जमा करने के बजाय निजी उपयोग में लिया। आरोपियों ने इस प्रकार निवेशकों के साथ-साथ संस्था को भी गुमराह किया गया। फिलहाल हिंगनघाट पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

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