वर्धा हादसा, किसान मौत,(सोर्स: सौजन्य AI) 
वर्धा

वर्धा में दर्दनाक हादसा: तबेले में बैल के हमले से किसान की मौत, उपचार के दौरान तोड़ा दम

Wardha News Farmer Death: वर्धा के दापोरी गांव में तबेले में बैल छोड़ने गए किसान पर बैल ने हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल किसान की उपचार के दौरान मौत हो गई, गांव में शोक है।

अंकिता पटेल

Wardha News Bull Attack: वर्धा जिले के देवली थाना क्षेत्र अंतर्गत दापोरी गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां तबेले में बैल छोड़ने गए एक किसान पर अचानक बैल ने हमला कर दिया। बैल के जोरदार हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन कई दिनों तक जीवन और मौत से संघर्ष करने के बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से गांव में शोक का माहौल है।

मृतक किसान की पहचान गजानन शंकर मानकर (42) निवासी दापोरी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गजानन रोज की तरह अपने तबेले में बैलों को छोड़ने के लिए गए थे। इसी दौरान अचानक एक बैल आक्रामक हो गया और उसने किसान पर हमला बोल दिया।

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, बैल ने अपने सिंगों से गजानन मानकर को जोरदार टक्कर मारते हुए ऊपर उठा लिया और फिर उन्हें जमीन पर पटक दिया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि गजानन गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी हालत बिगड़ती देख परिजनों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद वे तत्काल तबेले की ओर दौड़े और घायल किसान को बचाने का प्रयास किया।

इलाज के दौरान किसान ने तोड़ा दम, गांव में शोक

परिजनों ने बिना देर किए गंभीर हालत में गजानन को उपचार के लिए सावंगी (मेघे) स्थित अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें नागपुर स्थित अस्पताल रेफर कर दिया। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया और कई दिनों तक उपचार चलता रहा। हालांकि, तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद गजानन की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका और आखिरकार उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। किसान की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं गांव में भी शोक की लहर फैल गई।

बैल के हमले में किसान की मौत, पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलने के बाद देवली पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने 16 मई को आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में इसे पशु के अचानक आक्रामक होने से हुई दुर्घटना माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन किसानों की दिनचर्या का अहम हिस्सा होता है, लेकिन कई बार पालतू पशुओं का अचानक आक्रामक व्यवहार गंभीर हादसों का कारण बन जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि विशेषकर बैलों और बड़े पशुओं के साथ काम करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी होता है।

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