105 Families Rehabilitation Plan In Bor Tiger Reserve Buffer Zone: बोर टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में आने वाले पांच गांवों के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है। पुनर्वास योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर येनीदोडका और उमरविहिरी गांवों का स्थानांतरित किया जा रहा है। इसी क्रम में इन दोनों गांवों के 105 परिवारों को पुनर्वास पैकेज की प्रथम किश्त के रूप में 1 करोड़ 57 लाख 50 हजार रुपये वितरित किए गए हैं।
बोर टाइगर रिजर्व प्रशासन के अनुसार, मरकसूर, येनीदोडका, गरमसूर, उमरविहिरी और मेटहिरजी इन पांच गांवों का पुनर्वास किया जाना है। इन गांवों की निजी, संरक्षित, झाड़ीदार, राजस्व तथा अन्य श्रेणी की कुल 2328.12 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इनमें से 1347.61 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। पुनर्वास के तहत प्रत्येक परिवार को 15 लाख रुपये का विशेष पैकेज दिया जा रहा है। इसके लिए शासन से 100 करोड़ रुपये की निधि प्राप्त हुई है। अब तक 105 परिवारों को पैकेज की 10 प्रतिशत राशि वितरित की जा चुकी है।
उमरविहिरी के 85 खातेदार किसानों की 135.95 हेक्टेयर तथा येनीदोडका के 22 किसानों की 76.50 हेक्टेयर कृषि भूमि वन्यजीव विभाग द्वारा अधिग्रहित की जाएगी। किसानों को उनकी भूमि का मुआवजा रेडी रेकनर दर के चार गुना तक दिया जाएगा। वर्तमान में इन क्षेत्रों में भूमि का औसत रेडी रेकनर मूल्य लगभग 2.85 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है। घरों का मुआवजा मकान तोड़ने और पंचनामा पूरा होने के बाद दिया जाएगा। इसके अलावा फलदार वृक्षों का मूल्यांकन कृषि विभाग तथा वन वृक्षों का मूल्यांकन वन विभाग द्वारा किया गया है।
यह भी पढ़ें कैंपा फंड घोटाले के आरोपों के बीच DFO बी. एन. स्वामी का अचानक तबादला, विभाग में मचा हड़कंप
बोर टाइगर रिजर्व के सहायक वन संरक्षक (बफर) दत्तात्रय लोंढे ने बताया कि पांचों गांवों के पुनर्वास की प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर येनीदोडका और उमरविहिरी का पुनर्वास जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है तथा संबंधित परिवारों को पैकेज की पहली किश्त वितरित कर दी गई है।