कैंपा फंड घोटाले के आरोपों के बीच DFO बी. एन. स्वामी का अचानक तबादला, विभाग में मचा हड़कंप

DFO Transfer: कैंपा निधि में 5 करोड़ की अनियमितता के आरोपों के बाद पुसद वन विभाग के उप वनसंरक्षक B.N. Swamy का अचानक तबादला हुआ। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं।
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DFO बी.एन. स्वामी (सोर्स-महाराष्ट्र फोरेस्ट डीपार्टमेंट वेबसाईट)
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DFO BN Swamy Transfer Forest Department: पुसद वन विभाग में पिछले तीन वर्षों से कार्यरत उप वनसंरक्षक बी. एन. स्वामी का मुख्यमंत्री के आदेश पर अचानक तबादला हो गया है। इस तबादले से वन विभाग में हलचल मच गई है। कैंपा निधि में कथित 5 करोड़ रुपये की अनियमितता को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता शिलानंद कांबले द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को साक्ष्यों सहित शिकायत किए जाने के बाद यह कार्रवाई होने की चर्चा है।

जानकारी के अनुसार, वर्धा-यवतमाल-नांदेड रेलमार्ग परियोजना के लिए दिग्रस, पुसद और शेंबालपिंपरी वन परिक्षेत्रों में काटे गए वृक्षों के बदले नए वृक्षारोपण तथा तीन वर्षों तक उनके संरक्षण के लिए रेलवे विभाग ने वन विभाग को लगभग 5 करोड़ रुपये का कैंपा फंड उपलब्ध कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस निधि के उपयोग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।

वृक्षारोपण कार्यों में भारी खर्च का आरोप और दस्तावेजों में गड़बड़ी का दावा

शिकायत के अनुसार, बेलगव्हाण नियत क्षेत्र में 107 वृक्षों के पुनर्वनीकरण के लिए 1 करोड़ 79 लाख 21 हजार 240 रुपये का खर्च बताया गया, जबकि शिलोना सर्कल के नागवाडी नियत क्षेत्र में 145 वृक्षों पर लगभग 99 लाख रुपये से अधिक खर्च दिखाया गया। आरोप है कि शासन द्वारा प्रति वृक्ष निर्धारित लगभग 12 हजार 700 रुपये की लागत की तुलना में कई गुना अधिक खर्च दर्शाकर निधि का दुरुपयोग किया गया।

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि कुल 252 वृक्षों पर 1 करोड़ 78 लाख 21 हजार 543 रुपये खर्च दिखाए गए हैं, जबकि शेष निधि का कोई स्पष्ट हिसाब उपलब्ध नहीं है।

मंजूरी प्रक्रिया और अधिकारियों की आपत्ति पर सवाल

दिग्रस वन परिक्षेत्र में कई कार्यों को वास्तविक रूप से नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। मंजूरी प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि 11 सितंबर 2024 को प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के बाद आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां प्राप्त होने से पहले ही जल्दबाजी में कार्यों को मंजूरी दे दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आपत्तियां दर्ज किए जाने के बावजूद निधि खर्च किए जाने का भी आरोप है।

कैंपा निधि मामले का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

उप वनसंरक्षक कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में आने वाले वर्धा-यवतमाल-नांदेड रेलमार्ग परियोजना के लिए रेलवे विभाग द्वारा वृक्षारोपण और संरक्षण हेतु उपलब्ध कराए गए लगभग 5 करोड़ रुपये के कैंपा फंड में कथित अनियमितता को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।

मुख्यमंत्री के निजी सचिव को सौंपी गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वन आयुक्त को मामले की विस्तृत जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, ऐसी जानकारी सामने आई है। इसके बाद उप वनसंरक्षक स्वामी के तबादले की कार्रवाई होने से वन विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

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