Thane Station Auto Trouble: ठाणे रेलवे स्टेशन के बाहर ‘सैटिस’ पुल के नीचे पहली लेन को सभी प्रकार के वाहनों के लिए खोले जाने के बाद यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आरोप है कि स्टेशन से बाहर निकलते ही ऑटो चालक यात्रियों को घेर लेते हैं और अधिक किराया वसूलने के चक्कर में पहली लेन में ही ऑटो खड़े कर देते हैं। इससे पैदल चलने तक की जगह नहीं बचती, जबकि अधिकृत ऑटो कतार में खड़े यात्रियों को एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ता है।
भाजपा की नगरसेविका नम्रता जयेंद्र कोली ने इस पूरे मामले की शिकायत ठाणे यातायात पुलिस के उपायुक्त पंकज शिरसाट से करते हुए तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की है। नगरसेविका के अनुसार, पहले सैटिस पुल के नीचे पहली लेन केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए आरक्षित थी।
दूसरी लेन में ऑटो और टैक्सी स्टैंड तथा अंतिम लेन निजी वाहनों के आवागमन के लिए निर्धारित थी। लेकिन हाल ही में यातायात पुलिस ने पहली लेन भी सभी वाहनों के लिए खोल दी, जिसका फायदा उठाकर कई ऑटो और टैक्सी चालक वहीं वाहन खड़े कर मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिक किराया देने वाले यात्रियों की तलाश में चालक पहली लेन में भीड़ लगाए रहते हैं, जिससे स्टेशन से बाहर निकलने वाले यात्रियों को भारी असुविधा होती है और अधिकृत ऑटो स्टैंड पर कतार में खड़े यात्रियों को समय पर वाहन नहीं मिल पाते।
बाहरी शहरों से आने वाले यात्रियों से भी निर्धारित किराए से अधिक वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
भाजपा नगरसेविका नम्रता कोली ने मांग की है कि सैटिस पुल के नीचे पहली लेन को पहले की तरह केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए आरक्षित किया जाए तथा अंतिम लेन निजी वाहनों के लिए ही रखी जाए।
उन्होंने इस संबंध में यातायात पुलिस के उपायुक्त पंकज शिरसाट को पत्र भेजकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
नम्रता कोली ने इस मामले में ठाणे यातायात पुलिस के उपायुक्त पंकज शिरसाट को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पहली लेन को पहले की तरह केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए।
साथ ही अंतिम लेन को निजी वाहनों के लिए निर्धारित रखने की मांग की गई है, ताकि स्टेशन के बाहर यातायात व्यवस्था और यात्रियों की आवाजाही सुचारु हो सके।