कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे (सोर्स: AI)
ठाणे

5 घंटे में मुंबई से लातूर! 5 बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा 450 किमी का यह हाईवे, MSRDC ने तैयार किया DPR

Kalyan Latur Expressway: महाराष्ट्र में कल्याण से लातूर तक 450 किमी के 6 लेन एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव है। मालशेज घाट में 8 किमी सुरंग और 17 इंटरचेंज की योजना है; निर्माण की समयसीमा अभी तय नहीं है।

सूर्यप्रकाश मिश्र, आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • कल्याण से लातूर तक करीब 450 किमी के 6 लेन एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव है।

  • मालशेज घाट में 8 किमी सुरंग और मार्ग पर 17 इंटरचेंज बनाने की योजना है।

  • अंतिम अलाइनमेंट, मंजूरियों और भूमि अधिग्रहण के बाद निर्माण की समयसीमा स्पष्ट होगी।

Thane To Latur Tunnel And Connectivity Plan: राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच सड़क कनेक्टिविटी को रफ़्तार देने का कार्य किया जा रहा है।

ऐसे में ठाणे जिले के कल्याण से लातूर के बीच की दूरी को कम करने के लिए नए एक्सप्रेस वे की तैयारी की गई है। करीब 450 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित कॉरिडोर का उद्देश्य मुंबई एमएमआर को मराठवाड़ा के प्रमुख शहरों से बेहतर तरीके से जोड़ना है।

450 किमी का एक्सप्रेस कॉरिडोर

राज्य में कनेक्टिविटी को नई दिशा देने की तैयारी की गई है। प्रस्तावित 6 लेन के एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का विकास महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) के माध्यम से किए जाएगा।

बताया गया है कि इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), अंतिम अलाइनमेंट, वन विभाग की मंजूरी और भूमि अधिग्रहण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही इसके निर्माण और समयसीमा की अधिक ठोस तस्वीर सामने आएगी।

मालशेज घाट में बनेगी 8 किमी की लंबी सुरंग?

इस प्रोजेक्ट के ताहत प्रमुख प्रस्ताव मालशेज घाट क्षेत्र में लगभग 8 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण है। वर्तमान में इस पहाड़ी क्षेत्र से गुजरते समय घुमावदार सड़कों, ढलानों और यातायात के कारण यात्रा में अधिक समय लगता है।

यदि सुरंग और संबंधित सड़क का निर्माण निर्धारित योजना के अनुसार होता है, तो पहाड़ी क्षेत्र से गुजरने में लगने वाला समय कम हो सकता है। इससे कल्याण, ठाणे और मुंबई महानगर क्षेत्र से मराठवाड़ा की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे का संभावित रूट

प्रस्तावित मार्ग के तहत मुंबई महानगर क्षेत्र से मराठवाड़ा तक संपर्क विकसित करने की योजना है। प्राथमिक डीपीआर के अनुसार ठाणे,कल्याण से मालशेज घाट, पुणे क्षेत्र, पारनेर, अहिल्यानगर,बीड और धाराशिव होते हुए लातूर तक होगा।

17 इंटरचेंज से बेहतर होगी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे पर 17 इंटरचेंज बनाने का प्रस्ताव है। इंटरचेंज के माध्यम से आसपास के शहरों, जिलों और दूसरे राजमार्गों तक पहुंच आसान हो सकती है। इसका लाभ केवल लातूर तक सीमित नहीं रहेगा।

बेहतर सड़क संपर्क से मराठवाड़ा के यात्रियों, व्यापारियों और माल परिवहन को भी फायदा मिलने की संभावना है। कृषि उत्पादों की ढुलाई, औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय व्यापार के लिए तेज सड़क संपर्क महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

पांच बड़े एक्सप्रेस वे से जुड़ाव

कल्याण-लातूर एक्सप्रेस वे को राज्य के बड़े सड़क नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। इस दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे, सूरत-चेन्नई इकोनॉमिक कॉरिडोर, विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर और पुणे-छत्रपति संभाजीनगर एक्सप्रेसवे से जोड़े जाने का प्रस्ताव है।

नवी मुंबई एयरपोर्ट और अटल सेतु तक पहुंच आसान

कल्याण-लातूर एक्सप्रेस वे की वजह से मुंबई एमएमआर से मराठवाड़ा का बेहतर संपर्क होने के साथ वाहनचालकों को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अटल सेतु की ओर आने जाने में आसानी होगी।

इस समय मुंबई से लातूर सड़क मार्ग या रेल मार्ग से जाने में 10 से 12 घन्टे लग जाते हैं। यह प्रस्तावित एक्सप्रेस वे यदि धरातल पर उतरता है तो कल्याण से लातूर की दूरी सिमट कर 5 घन्टे हो जाएगी।

डीपीआर के बाद आगे क्या?

एमएसआरडीसी के माध्यम से प्रोजेक्ट के संबंध में डीपीआर तैयार होने का दावा किया गया है। इसके बाद अंतिम अलाइनमेंट की स्वीकृति, आवश्यक पर्यावरणीय एवं वन संबंधी मंजूरियां, भूमि अधिग्रहण, वित्तीय स्वीकृति और निर्माण एजेंसी से जुड़ी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होंगी।

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