Woman Agent Dupes Peoples: ठाणे के मीरा-भाईंदर में कमाई का नया रास्ता बताकर नहीं, बल्कि ‘बिना किराए के घर’ का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाने वाली महिला रियल एस्टेट एजेंट चांदनी अभय वर्मा आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गई।
नवघर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से 9 सितंबर तक पुलिस हिरासत मिली है। पुलिस जांच में अब तक 16 से अधिक लोगों से करीब 86.61 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है।
मामले की शुरुआत मीरा रोड निवासी 38 वर्षीय आनंद गुप्ता की शिकायत से हुई। जनवरी 2025 में किराए का मकान तलाशते समय उनकी मुलाकात एजेंट चांदनी वर्मा से हुई। आरोपी ने भाईंदर पूर्व की एक सोसायटी में 1 BHK फ्लैट दिखाकर दावा किया कि 6 लाख रुपये हैवी डिपॉजिट देने पर 22 महीने तक किराया नहीं देना पड़ेगा।
आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए एक और कहानी गढ़ी। उसने बताया कि जमा रकम को पालघर और नायगांव की अपनी कंस्ट्रक्शन साइट्स में निवेश करेगी और उससे होने वाले मुनाफे से मकान मालिक का मासिक किराया चुकाती रहेगी। भरोसे में आए आनंद ने ऑनलाइन 6 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
शुरुआत में सब कुछ ठीक चला, लेकिन कुछ समय बाद आरोपी ने मकान मालिक को किराया देना बंद कर दिया। नतीजा यह हुआ कि मकान मालिक ने आनंद को घर खाली करने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद जब आनंद ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने सिर्फ 2.70 लाख रुपये लौटाए और बाकी करीब 3.51 लाख रुपये के लिए टालमटोल शुरू कर दी।
पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि आनंद अकेले शिकार नहीं थे। आरोपी ने कथित तौर पर इसी तरीके से रवि शंकर गुप्ता, अंजू मंडल, बबिता ठाकुर, पूनम बिस्ट, श्वेता परमार और हितेश मारोलिया समेत 16 से अधिक लोगों को निशाना बनाया और कुल करीब 86.61 लाख रुपये ऐंठ लिए।
नवघर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 316(2) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। ठाणे पुलिस हिरासत में उससे ठगी की रकम के लेन-देन, अन्य पीड़ितों और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ‘हैवी डिपॉजिट’ या बिना किराए के मकान जैसी आकर्षक योजनाओं के झांसे में न आएं। किसी एजेंट के माध्यम से रकम देने से पहले मकान मालिक, संपत्ति के दस्तावेज और किराए के करार की पूरी तरह जांच करें तथा संभव हो तो भुगतान सीधे मकान मालिक को ही करें।