दिल्ली में सेमिनार के दौरान (सोर्स: नवभारत)
ठाणे

बुलेट ट्रेन स्टेशन के विकास की मेगा योजना पर मंथन, दिल्ली के सेमिनार में शामिल हुई क्रेडाई एमसीएचआई ठाणे

Mumbai Ahmedabad High Speed Rail: ठाणे बुलेट ट्रेन स्टेशन के आसपास मेगा विकास योजना को लेकर दिल्ली में उच्चस्तरीय सेमिनार आयोजित हुआ। इसमें क्रेडाई MCHI ठाणे ने TOD मॉडल व कनेक्टिविटी पर मंथन किया।

सूर्यप्रकाश मिश्र, गोरक्ष पोफली

CREDAI MCHI Thane: ठाणे- मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित ठाणे बुलेट ट्रेन स्टेशन के आसपास सुनियोजित विकास को लेकर नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय सेमिनार में व्यापक मंथन हुआ। विज्ञान भवन में आयोजित ‘ओपन विजुअलाइजेशन सेमिनार’ में स्टेशन क्षेत्र विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) को लेकर ठाणे की विकास योजना पर चर्चा की गई।

आयुक्त ने भी लिया भाग

‘जन-केंद्रित, टिकाऊ और संयोजित शहरों के लिए स्टेशन क्षेत्र विकास’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में ठाणे नगर निगम के आयुक्त सौरभ राव व अन्य अधिकारियों के साथ क्रेडाई एमसीएचआई ठाणे के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। टीएमसी आयुक्त सौरभ राव के नेतृत्व में नगर निगम का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ, जबकि क्रेडाई एमसीएचआई ठाणे का प्रतिनिधित्व अध्यक्ष सचिन मिरानी ने किया।

केंद्रीय मंत्रालयों की पहल

यह पहल आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, रेल मंत्रालय और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से आगे बढ़ाई जा रही है। इसका उद्देश्य बुलेट ट्रेन स्टेशनों को केवल परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए आर्थिक और शहरी विकास के केंद्र के रूप में विकसित करना है।

चार स्टेशनों का मॉडल स्टेशन के रूप में चुनाव

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के 12 स्टेशनों में से ठाणे स्टेशन, विरार, सूरत और साबरमती को व्यापक स्टेशन एरिया डेवलपमेंट के लिए मॉडल स्टेशन के रूप में चुना गया है। ठाणे स्टेशन क्षेत्र के लिए प्रस्तावित योजना में स्टेशन के आसपास के क्षेत्र को अलग-अलग बफर जोन में विकसित करने की अवधारणा पर जोर दिया गया है।

इसमें अंतिम-मील कनेक्टिविटी के साथ वाणिज्यिक, खुदरा और आवासीय विकास को एक-दूसरे से जोड़ने की योजना शामिल है। राज्य की संबंधित एजेंसियों और स्थानीय निकायों के समन्वय से इस मॉडल को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। इस राष्ट्रीय सेमिनार में ठाणे मनपा के आयुक्त सौरभ राव, एमसीएचआई ठाणे के प्रेसिडेंट सचिन मिरानी, अमित दातार,फैयाज विरानी, ​एडीटीपी कुणाल मुले,टीएमसी के महेश रावल, क्रेडाई एमसीएचआई युवा शाखा के विभव बोरकर आदि प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

डेवलपर्स ने उठाया TOD और कनेक्टिविटी का मुद्दा

सेमिनार में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना गया। क्रेडाई एमसीएचआई ठाणे के अध्यक्ष सचिन मिरानी ने पैनलिस्ट के तौर पर डेवलपर समुदाय का दृष्टिकोण रखा। उन्होंने स्टेशन क्षेत्र के विकास के लिए स्पष्ट TOD नियम, वाणिज्यिक विकास को सुगम बनाने वाली नीतियों तथा पैदल यात्रियों और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने वाले बुनियादी ढांचे की जरूरत पर जोर दिया।

ठाणे के रियल एस्टेट पर पड़ेगा असर

बुलेट ट्रेन स्टेशन के विकास को ठाणे के रियल एस्टेट बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कोलशेत, बालकुम, माजीवाड़ा और आसपास के इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी से आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। TOD मॉडल के तहत स्टेशन के आसपास मिश्रित उपयोग वाली परियोजनाओं को बढ़ावा मिल सकता है, जहां आवास, कार्यालय, खुदरा और अन्य सुविधाएं एक ही क्षेत्र में विकसित हों।

हालांकि, संपत्ति कीमतों में संभावित वृद्धि वास्तविक रूप से परियोजना की अधिसूचना, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे और विकास नियमों के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। सेमिनार में इस बात पर जोर रहा कि बुलेट ट्रेन स्टेशन का विकास केवल एक स्टेशन के निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसके आसपास जन-केंद्रित, टिकाऊ और बेहतर तरीके से जुड़े शहरी क्षेत्र विकसित किए जाने चाहिए। ठाणे की भागीदारी से स्थानीय निकाय और रियल एस्टेट क्षेत्र के बीच समन्वय को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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