Thane Adoption Process: ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ठाणे जिले में 13 बच्चों को आधिकारिक दत्तक प्रक्रिया के माध्यम से नया परिवार और माता-पिता की स्नेहिल छाया मिली है। जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल के जरिए इन बच्चों के लिए सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और पारिवारिक वातावरण का रास्ता खुला है।
जानकारी के अनुसार, दत्तक माता-पिता ने केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के ‘मिशन वात्सल्य’ पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। लंबी प्रक्रिया और करीब चार वर्ष की प्रतीक्षा के बाद इन परिवारों को बच्चों का कानूनी रूप से दत्तक अभिभावक बनने का अवसर मिला। इस अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए दत्तक माता-पिता उपस्थित रहे।
दत्तक प्रक्रिया के तहत 13 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इनमें 12 मामले देश के भीतर और एक मामला अंतरराष्ट्रीय दत्तक ग्रहण से संबंधित है। पश्चिम बंगाल, गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना और सिंगापुर के साथ ही महाराष्ट्र के नागपुर, गोंदिया, रायगढ़ और ठाणे से आए दत्तक माता-पिता ने इस प्रक्रिया में भाग लिया।
इस दौरान जिला कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने सभी दत्तक माता-पिता से संवाद किया और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बच्चों के पालन-पोषण में माता-पिता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चों को प्रेम, सुरक्षा, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराने की दिशा में परिवार की जिम्मेदारी अहम होती है। इस मौके पर दत्तक माता-पिता ने भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों के उनके जीवन में आने से उनके परिवार को वास्तविक अर्थों में पूर्णता मिली है।
जिला प्रशासन के अनुसार, प्रत्येक बच्चे को पारिवारिक आधार और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराना सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से आधिकारिक दत्तक प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी नमिता शिंदे, जिला बाल संरक्षण कक्ष, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा विशेष दत्तक ग्रहण संस्थाओं के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।