Yavatmal News: 2 बच्चों को मिला उनका अपना नआ परिवार, यवतमाल में पहली बार दो दत्तक आदेश पारित

Yavatmal Adoption Orders: यवतमाल जिले में दत्तक विधान नियमावली 2022 के तहत पहली बार दो दत्तक आदेश पारित किए गए। प्रक्रिया पूरी होने के बाद दो बच्चों को प्रेमपूर्ण और सुरक्षित परिवार मिला।
yavatmal first two adoption orders children get families
दत्तक आदेश(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Yavatmal District Child Protection Unit: महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से लागू दत्तक विधान नियमावली, 2022 के तहत यवतमाल जिले में पहली बार दो दत्तक आदेश सफलतापूर्वक पारित किए गए। इस प्रक्रिया के माध्यम से दो बच्चों को प्रेम, सुरक्षा और अपना परिवार मिला, वहीं दत्तक माता-पिता का वर्षों पुराना पालक बनने का सपना भी साकार हुआ।

दत्तक ग्रहण केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि बच्चे को प्रेमपूर्ण परिवार, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने वाली संवेदनशील सामाजिक प्रक्रिया है। जिले में इन दोनों मामलों में बच्चों के सर्वोत्तम हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कानूनी प्रावधानों, दस्तावेजों और विभिन्न स्तरों की जांच-पड़ताल पूरी की गई। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार संपन्न हुई।

दो बच्चों का कानूनी दत्तक ग्रहण

जिलाधिकारी विकास मीना ने संबंधित दत्तक आदेश पारित कर इस संवेदनशील प्रक्रिया को अंतिम मंजूरी दी। उनके मार्गदर्शन में जिले की बाल न्याय व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न यंत्रणाओं ने समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।

प्रशासन ने पूरी की प्रक्रिया

इस पूरी प्रक्रिया में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मारोती पवार, जिला बाल संरक्षण अधिकारी देवेंद्र राजूरकर, संरक्षण अधिकारी (संस्थाबाह्य) माधुरी पावडे, बाल कल्याण समिति सहित अन्य संबंधित यंत्रणाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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बच्चों के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता

इन दो दत्तक आदेशों से जिले में कानूनी एवं नियमानुसार दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के जिला प्रशासन के प्रयासों को मजबूती मिली है। बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके सर्वोत्तम हितों का संरक्षण और उन्हें सुरक्षित पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जिला बाल संरक्षण कक्ष की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

अनधिकृत माध्यम से दत्तक ग्रहण न करें

प्रशासन ने पात्र एवं इच्छुक दंपतियों से अपील की है कि बच्चे को गोद लेते समय किसी अनधिकृत व्यक्ति या माध्यम का सहारा न लें। केवल अधिकृत और कानूनी दत्तक प्रक्रिया का पालन करें। दत्तक ग्रहण संबंधी जानकारी के लिए जिला बाल संरक्षण कक्ष से संपर्क करने का भी आह्वान किया गया है। “हर बच्चे को प्रेमपूर्ण परिवार मिले और उसका बचपन सुरक्षित एवं खुशहाल हो” की भावना को साकार करते हुए यवतमाल जिले में हुए ये दो दत्तक आदेश संवेदनशील सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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