Niranjan Davkhare Demands Shelter Home: ठाणे जिले में बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या को देखते हुए नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर संकट बढ़ गया है।
ठाणे जिले के शहरी इलाकों में आवारा कुत्तों द्वारा राहगीरों पर हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रहीं है। इसे देखते हुए विधायक ॲड. निरंजन डावखरे ने जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल से मुलाकात कर अहम मांग रखी।
उन्होंने जिले के ग्रामीण इलाके में,आबादी से दूर 4 से 5 एकड़ सरकारी जमीन पर आवारा कुत्तों के लिए सुसज्जित आश्रय केंद्र बनाने की मांग की है।
विधायक डावखरे ने कहा कि ठाणे जिले की सभी महानगरपालिकाओं, नगरपालिकाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों, चौकों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे नागरिकों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खासकर ग्रामीण इलाकों में इस समस्या के प्रबंधन के लिए एक अलग और नियोजित आश्रय केंद्र की जरूरत है। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा पहले भी जिला नियोजन समिति में उठाया जा चुका है। जिले के पालकमंत्री ने भी इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर अब तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है।
प्रस्तावित आश्रय स्थल पर आवारा कुत्तों का सुरक्षित रख-रखाव, लसीकरण, नसबंदी, उपचार और जरूरी पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इससे उन कुत्तों का प्रबंधन व्यवस्थित तरीके से होगा और नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।
विधायक ॲड. निरंजन डावखरे ने मांग की कि ग्रामीण क्षेत्र की उपलब्ध सरकारी जमीनों में से आबादी से दूर 4-5 एकड़ जमीन तुरंत चिन्हित की जाए। साथ ही केंद्र के लिए निधि की व्यवस्था, जगह का निर्धारण, संबंधित विभागों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया तेज की जाए। विधायक डावखरे ने कहा केवल अस्थायी उपायों से काम नहीं चलेगा। वैज्ञानिक तरीके से स्थायी समाधान जरूरी है। आश्रय केंद्र बनने से लसीकरण और नसबंदी जैसे काम ठीक से हो सकेंगे।
उन्होंने प्रशासन से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक कार्रवाई कर नागरिकों को राहत देने की अपील की।