महाराष्ट्र कूर्मि क्षत्रिय समाज ने सरदार पटेल की जयंती मनाई (फोटो नवभारत)
ठाणे

सरदार पटेल की 151वीं जयंती: ठाणे में जुटे महाराष्ट्र कूर्मि क्षत्रिय समाज के लोग, एकता का लिया संकल्प

Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti: कल्याण में महाराष्ट्र कूर्मि क्षत्रिय समाज ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती मनाई। समारोह में वक्ताओं ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

अशोक वर्मा, आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • कल्याण पूर्व के जनसेवा हिंदी हाईस्कूल में समारोह आयोजित किया गया।

  • वक्ताओं ने 562 से अधिक रियासतों के विलय में सरदार पटेल की भूमिका को याद किया।

  • समारोह का समापन राष्ट्रीय एकता और अखंडता बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।

151st Birth Anniversary Celebration In Thane: महाराष्ट्र कूर्मि क्षत्रिय समाज के सौजन्य से भारतरत्न, लौह पुरुष एवं देश की एकता और अखंडता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती समारोह जनसेवा हिंदी हाईस्कूल, कल्याण पूर्व में हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में धूमधाम से सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष डॉ. यू. पी. सिंह ने की, जबकि कार्यक्रम का कुशल संचालन संस्था के महासचिव एन. के. सिंह ने किया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवक जगदीश सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व नगरसेवक प्रकाश तरे एवं संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्णकांत सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।

राष्ट्रीय एकता और अखंडता की नींव

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए वक्ताओं डॉ. अमर बहादुर पटेल, डॉ. सुरेश कापरे, प्रकाश तरे एवं जगदीश सिंह ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि सरदार पटेल केवल स्वतंत्रता संग्राम के महानायक ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के राष्ट्रनिर्माताओं में अग्रणी थे।

देश की 562 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय कर उन्होंने राष्ट्रीय एकता और अखंडता की जो मजबूत नींव रखी, वह सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में एकता, संगठन, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।

समाज एवं राष्ट्र की एकता और अखंडता

समारोह के अंत में अध्यक्षीय संबोधन देते हुए डॉ. यू. पी. सिंह ने सरदार पटेल के जीवन दर्शन को आत्मसात करने तथा उनके आदर्शों को सामाजिक जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की जयंती मनाने का वास्तविक उद्देश्य केवल उन्हें स्मरण करना नहीं, बल्कि उनके विचारों, संकल्प शक्ति और राष्ट्रहित में समर्पण की भावना को अपने आचरण में शामिल करना है।

समाज की प्रगति के लिए आपसी एकता, सहयोग और संगठनात्मक मजबूती अनिवार्य है।कार्यक्रम का समापन सरदार पटेल के आदर्शों पर चलने तथा समाज एवं राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ हुआ। महाराष्ट्र राज्य के कूर्मि क्षत्रिय समाज ने समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। ‎

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