Raj Thackeray On Maharashtra Dahi Handi Culture: ठाणे में दही हांडी और गणेशोत्सव के दौरान DJ-Dolby के इस्तेमाल को लेकर चल रहे विवाद के बीच मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने अपनी भूमिका स्पष्ट की है। रविवार को ठाणे के गडकरी रंगायतन में पार्टी पदाधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए ठाकरे ने दही हांडी के मंच पर महिलाओं के नाचने और तेज आवाज में DJ बजाने को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पारंपरिक त्योहारों को अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुसार ही मनाया जाना चाहिए। राज ठाकरे ने दही हांडी का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या महाराष्ट्र में उत्तर भारत की संस्कृति लाई जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गोविंदा उत्सव के दौरान अब महिलाओं को मंच पर लाकर नचाया जा रहा है। ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र ने देश और दुनिया को कई चीजें सिखाई हैं, इसलिए उसे दूसरों का अनुकरण करने के बजाय अपनी परंपराओं और इतिहास को महत्व देना चाहिए।
DJ और Dolby की तेज आवाज को लेकर राज ठाकरे ने कहा कि इससे लोगों के कानों और आंखों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने लेजर लाइट और तेज ध्वनि को लेकर भी चिंता जताई। ठाकरे ने कहा कि त्योहारों को मनाने के तरीके पर विचार करने की जरूरत है और लोगों को बेकाबू होने से बचना चाहिए।
गणेशोत्सव का जिक्र करते हुए उन्होंने लोकमान्य तिलक द्वारा गणेशोत्सव शुरू किए जाने के उद्देश्य को याद किया। ठाकरे ने गणपति विसर्जन के दौरान तेज संगीत और नाच-गाने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि गणपति को श्रद्धा के साथ घर लाने के बाद विसर्जन के समय अत्यधिक उत्साह दिखाने का औचित्य समझना चाहिए।
राज ठाकरे ने आने वाले त्योहारों के दौरान धर्म और जाति के मुद्दों को लेकर विवाद पैदा होने की आशंका जताई। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, रोजगार और किसानों जैसे मुद्दों से ध्यान हटाकर जनता को धर्म के मुद्दों में उलझाया जा रहा है।
नवी मुंबई में होने वाले हिंदी सम्मेलन को लेकर भी राज ठाकरे ने टिप्पणी की और लोगों से सम्मेलन की अनदेखी करने की अपील की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी तंज कसा।
पुणे के एक विद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने के विवाद पर ठाकरे ने कहा कि मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन सरकारी कार्यालयों में प्रधानमंत्री की तस्वीर होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की तस्वीर छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और महात्मा फुले जैसे महापुरुषों की कतार में नहीं लगाई जानी चाहिए।
इसके अलावा राज ठाकरे ने देश की GDP वृद्धि दर और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कल्याण लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया और राज्य में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने पर सवाल खड़े किए।