Highlights:
नवी मुंबई की आवासीय इमारतों के संपत्ति कर और पानी के बिल में अगले 20 वर्षों तक बढ़ोतरी नहीं होने देने का आश्वासन।
दुकानों, होटलों, मोटलों, आईटी केंद्रों और डेटा सेंटरों पर बढ़ा हुआ टैक्स लगाने की तैयारी।
व्यावसायिक संपत्तियों के लिए कर की दर और उसे लागू करने का स्वरूप आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
Navi Mumbai Property Tax: वन मंत्री गणेश नाईक ने आश्वासन दिया है कि नवी मुंबई की आवासीय इमारतों पर संपत्ति कर और पानी के बिल में अगले 20 वर्षों तक कोई बढ़ोतरी नहीं होने दी जाएगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि शहर की दुकानों, होटलों, मोटलों, सूचना प्रौद्योगिकी केंद्रों और डेटा सेंटरों जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर बढ़ा हुआ कर लगाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि मनपा का राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ शहर में अनावश्यक भीड़ और अनियंत्रित शहरीकरण को रोकने की दृष्टि से भी आने वाले समय में निर्णय लिए जाएंगे।
नवी मुंबई मनपा के सभी प्रतिष्ठानों और परिवहन उपक्रम के ठेका कर्मचारियों को विशेष अनुग्रह अनुदान और दिवाली उपहार के रूप में 45,000 रुपए का अनुग्रह अनुदान देने के निर्णय को देखते हुए शनिवार को वाशी स्थित सिडको प्रदर्शनी केंद्र में श्रमिक सेना यूनियन की ओर से 'वचनपूर्ति कामगार मेला' आयोजित किया गया था। इस अवसर पर गणेश नाईक का सार्वजनिक अभिनंदन किया गया। इस मेले में उन्होंने मनपा के आगामी कामकाज और कर संरचना (टैक्स स्ट्रक्चर) पर अपना रुख स्पष्ट किया।
नाईक ने कहा कि मनपा का कामकाज चलाते समय कर्मचारियों का कल्याण और शहर का विकास, दोनों बातों को समान प्राथमिकता दी जाएगी। नागरिकों पर कर वृद्धि न लादते हुए कर्मचारियों को अच्छा वेतन और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाएं देने की नीति बरकरार रहेगी।
प्रशासकीय काल में संपत्ति कर और पानी के बिल में वृद्धि का प्रस्ताव सामने आया था। हालांकि, हमने यह रुख अपनाया था कि जनप्रतिनिधियों की संस्था के अस्तित्व में आने के बाद ही इस पर फैसला होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवासीय संपत्तियों के संबंध में जनता को दिया गया शब्द अगले 20 वर्षों तक निभाया जाएगा।
आवासीय संपत्तियों को कर वृद्धि से राहत देने का रुख होने के बावजूद, व्यावसायिक संपत्तियों के संबंध में अलग नीति होगी। नाईक ने कहा कि दुकानों, होटलों, मोटलों, आईटी केंद्रों और डेटा सेंटरों जैसे व्यावसायिक उपयोग वाली संपत्तियों पर निश्चित रूप से कर बढ़ाना होगा।
उन्होंने रेखांकित किया कि व्यावसायिक क्षेत्र से नगर का का सटीक प्रमाण, दर और कार्यान्वयन का स्वरूप आने वाले समय में स्पष्ट होगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शहर में अनावश्यक भीड़ न बढ़े और नवी मुंबई का नियोजित स्वरूप बना रहे, इसके लिए सदन में लिए गए निर्णयों को लागू किया जाएगा।
महापौर सुजाता पाटिल ने कहा कि यह निर्णय केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के हित की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने उल्लेख किया कि इस निर्णय के संबंध में विपक्ष द्वारा केवल घोषणाएं करने की आलोचना की गई थी, लेकिन अब प्रत्यक्ष कार्यान्वयन होने से संतोष महसूस हो रहा है।
इस अवसर पर श्रमिक सेना अध्यक्ष डॉ. संजीव नाईक, उपाध्यक्ष संदीप नाईक, उपमहापौर दशरथ भगत, सदन के नेता सागर नाईक, महासचिव चरण जाधव, विभागीय सचिव सूरज पाटिल सहित मनपा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कर्मचारी उपस्थित थे।