Mira Bhayandar Pothole App Complaints Action: ठाणे जिले में मानसून के दौरान सड़कों पर बनने वाले जानलेवा गड्ढों से नागरिकों को राहत दिलाने के लिए मीरा-भाईंदर नगर निगम द्वारा शुरू की गई पॉटहोल पंजीकरण एवं मरम्मत प्रणाली (Pothole App) बेहद कारगर साबित हो रही है।
इस डिजिटल पहल के माध्यम से स्थानीय नागरिक सीधे प्रशासन तक अपनी समस्याएं पहुंचा रहे हैं और शिकायतों पर तेजी से संज्ञान लिया जा रहा है। महज एक महीने के भीतर इस ऐप पर कुल 1,054 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। मनपा प्रशासन के अनुसार, उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले 422 गड्ढों की मरम्मत सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है, जबकि 186 स्थानों पर कार्य प्रगति पर है। वहीं, शेष 154 लंबित शिकायतों को भी जल्द से जल्द निपटाने का दावा प्रशासन ने किया है।
मनपा आयुक्त राधाबिनोद शर्मा के नेतृत्व में यह व्यवस्था 1 अगस्त से लागू की गई थी। इसके तहत नागरिक सड़क पर मौजूद गड्ढे की फोटो खींचकर गूगल लोकेशन के साथ ऐप पर अपलोड कर सकते हैं। इससे संबंधित रखरखाव टीम को गड्ढे के सटीक स्थान की जानकारी मिल जाती है और मरम्मत पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता को ऐप के जरिए तुरंत अपडेटेड सूचना भेज दी जाती है। हालांकि, दर्ज कुल शिकायतों में से 442 गड्ढे मनपा के अधिकार क्षेत्र से बाहर की सड़कों पर पाए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग समेत एमएमआरडीए और NHAI के अधीन आने वाले मार्ग शामिल हैं, जहां गड्ढों की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।
ठाणे शहर के मुख्य मार्गों और राजमार्गों पर बने इन गहरे गड्ढों के कारण यातायात की गति धीमी पड़ गई है, जिससे प्रतिदिन लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। इस स्थिति का सबसे बुरा असर आपातकालीन सेवाओं और स्कूली बसों पर पड़ रहा है। एम्बुलेंसों को मरीजों तक पहुंचने में देरी हो रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। वहीं, दोपहिया वाहन चालकों के लिए ये गड्ढे किसी जानलेवा जाल से कम साबित नहीं हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को केवल ऐप पर निर्भर रहने के बजाय अपनी बुनियादी ढांचा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर तुरंत जमीनी सुधार करने होंगे।
आगामी गणेशोत्सव के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस ने सड़कों की खराब स्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। यातायात पुलिस विभाग ने एमएमआरडीए और एनएचएआई को औपचारिक नोटिस जारी कर अपने अधीन आने वाली सड़कों के गड्ढे तत्काल भरने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि गड्ढों के कारण कोई सड़क दुर्घटना होती है या किसी की जान जाती है, तो संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों और ठेकेदारों के खिलाफ सीधे आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।