Mira Bhayandar Political Row: मीरा-भाईंदर की राजनीति में बयानबाजी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में विधायक नरेंद्र मेहता के एक बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
पूर्वेश प्रताप सरनाईक ने विधायक नरेंद्र मेहता को खुला पत्र लिखकर सार्वजनिक बयानों में संयम और जिम्मेदारी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने मेहता को चुनाव जीतने पर बधाई देते हुए जनता के फैसले को सर्वोपरि बताया।
विवाद उस समय बढ़ा जब मेहता ने एक बयान में कहा था कि यदि उनके पास उतनी जमीन होती, तो प्रताप सरनाईक उनके ड्राइवर होते। इस बयान को पूर्वेश सरनाईक ने राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ बताते हुए इसकी आलोचना की है।
दरअसल, मंत्री प्रताप सरनाईक ने हाल ही में कहा था कि मीरा-भाईंदर की लगभग 30 प्रतिशत जमीन मेहता की है और उन्हें काशीगांव मेट्रो स्टेशन के पास कुछ जमीन दान करनी चाहिए। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए मेहता ने यह विवादित टिप्पणी की थी।
इस बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच सियासी तनाव बढ़ गया है। पूर्वेश सरनाईक ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को व्यक्तिगत टिप्पणी से बचते हुए विकास और जनसमस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में संवाद के स्तर और शिष्टाचार को लेकर बहस छेड़ दी है। जानकारों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी से जनता के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं और राजनीतिक माहौल अनावश्यक रूप से तनावपूर्ण हो जाता है।