मीरा-भाईंदर में 100 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी, पहली 20 बसें पहुंचीं।
नई बसों के शामिल होने से परिवहन बेड़े की संख्या 131 से बढ़कर 231 होगी।
आरटीओ पंजीकरण और चार्जिंग स्टेशन की प्रक्रिया पूरी होते ही बसें सड़कों पर उतरेंगी।
Mira Bhayandar Electric Buses: बसों की कमी और यात्रियों की बढ़ती परेशानी के बीच मीरा-भाईंदर के सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत मीरा भाईंदर मनपा परिवहन सेवा में 100 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की शुरुआत हो गई है।
पहले चरण में 20 मिडी ई-बसें शहर के डिपो में पहुंच चुकी हैं। आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन्हें जल्द ही यात्री सेवा में उतारा जाएगा।
परिवहन सभापति एड. राजकुमार मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में मीरा-भाईंदर परिवहन सेवा के पास कुल 131 बसें (74 डीजल और 57 इलेक्ट्रिक) संचालित हो रही हैं। इन 100 नई बसों के पूरी तरह शामिल होने के बाद यह संख्या बढ़कर 231 हो जाएगी। बता दें कि शहर की परिवहन व्यवस्था लंबे समय से चुनौतियों से जूझ रही है।
पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों को लंबे समय तक बसों का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, हाल ही में परिवहन सेवा के कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था। ऐसे में नई ई-बसों के आने से यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक परिवहन सेवा मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की योजना के तहत महाराष्ट्र में कुल 1,290
इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति और संचालन का ठेका मेसर्स जेबीएम इकोलाइफ मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड को ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) आधार पर दिया गया है। इसी योजना के तहत मीरा-भाईंदर के लिए 100 एसी ई-बसों को मंजूरी मिली है। इनमें 40 मिडी और 60 बड़ी बसें शामिल हैं।
मंजूर 40 मिडी बसों में से पहली 20 बसें शहर में पहुंच चुकी है। अब संबंधित ठेकेदार इन बसों का आरटीओ पंजीकरण, चार्जिंग स्टेशन और चार्जर स्थापित करने के साथ अनुभवी चालकों की भर्ती की प्रक्रिया में जुटा है।
सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद बसों को अलग-अलग मार्गों पर संचालित किया जाएगा। नई ई-बसों के संचालन से मीरा-भाईंदर के यात्रियों को वातानुकूलित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा मिलने के साथ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।