मीरा भाईंदर में पानी संकट गहराया: प्राधिकरणों ने साप्ताहिक कटौती रद्द करने से किया इंकार, नागरिक बेहाल

Mira Bhayandar Water Supply: मीरा भाईंदर में पानी की किल्लत के बीच राहत की उम्मीद टूटी। स्टेम और MIDC ने पानी कटौती रद्द करने से इंकार किया, सूर्या परियोजना शुरू होने तक संकट बने रहने की आशंका।
Water crisis deepens in Mira-Bhayandar
मीरा भाईंदर जल संकटसोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • मीरा-भाईंदर को मंजूर 211 एमएलडी के बजाय करीब 195 एमएलडी पानी मिल रहा है।

  • स्टेम और एमआईडीसी की साप्ताहिक पानी कटौती जारी रहेगी।

  • टैंकरों की बढ़ती कीमतों और पानी की शुद्धता को लेकर नागरिक परेशान हैं।

Mira Bhayandar Water Crisis: मीरा-भाईंदर शहर में पानी की किल्लत के बीच नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल पूरी होती नजर नहीं आ रही है। मंजूर कोटे से कम पानी मिलने के बावजूद ST​​EM प्राधिकरण और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) ने साप्ताहिक जल कटौती रद्द करने में असमर्थता जताई है। ऐसे में सूर्य जलापूर्ति योजना शुरू होने तक शहरवासियों को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

मीरा-भाईंदर को ST​​EM से प्रतिदिन 86 मिलियन लीटर (MLD) और MIDC से 125 MLD पानी मंजूर है। इस तरह शहर का कुल स्वीकृत जल कोटा 211 MLD है। हालांकि, वास्तविक आपूर्ति में ST​​EM से करीब 80 MLD और MIDC से लगभग 115 MLD पानी मिल रहा है। यानी शहर को प्रतिदिन कुल करीब 195 MLD पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है।

प्रतिदिन 16 MLD पानी की कमी

मंजूर कोटे और वास्तविक आपूर्ति के बीच लगभग 16 MLD का अंतर है। इस कमी को देखते हुए मीरा-भाईंदर महानगरपालिका ने दोनों प्राधिकरणों से साप्ताहिक कटौती में राहत देने की मांग की थी। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उल्हास नदी से पानी लेने की व्यवस्था सिंचाई विभाग के नियंत्रण में होने के कारण कटौती को टालना संभव नहीं है।

मौजूदा व्यवस्था के तहत ST​​EM की जलापूर्ति सप्ताह में एक बार 18 घंटे और MIDC की आपूर्ति 36 घंटे बंद रखी जाती है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार, पंप बंद रहने के दौरान शहर को पानी उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पाता।

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निजी टैंकरों पर बढ़ी निर्भरता

नियमित जलापूर्ति में कमी के कारण नागरिकों को निजी पानी के टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे घरेलू खर्च बढ़ने के साथ पानी की उपलब्धता को लेकर भी चिंता बनी हुई है। नागरिकों के सामने टैंकरों से मिलने वाले पानी की कीमत और उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर पानी के स्रोत और उसकी शुद्धता की गारंटी को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। ऐसे में पानी की गुणवत्ता की जांच और सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

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सूर्य जलापूर्ति योजना से राहत की उम्मीद

मीरा भाईंदर शहर में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सूर्य जलापूर्ति योजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में योजना शुरू होने की निश्चित तारीख स्पष्ट नहीं है। फिलहाल ST​​EM और MIDC की साप्ताहिक कटौती जारी रहने से नागरिकों को सीमित जलापूर्ति के बीच गुजारा करना पड़ रहा है।

नागरिकों को उम्मीद है कि जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार के साथ पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी भी की जाएगी, ताकि उन्हें पर्याप्त और सुरक्षित पानी मिल सके।

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