कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति पर पुलिस का शिकंजा, गैर-जमानती वारंट जारी; SIT की इनाम घोषित करने की तैयारी

Rekha Arya FIR Against Girdhari Lal Sahu: उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ है। SIT गिरफ्तारी के लिए उत्तराखंड और यूपी में दबिश दे रही है।
Girdhari Lal Sahu non-bailable warrant
गिरधारी लाल साहू, रेखा आर्यासौजन्य-एक्स स्क्रीनग्रैब
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Highlights:

  • मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ।

  • SIT गिरफ्तारी के लिए उत्तराखंड और यूपी में दबिश दे रही है।

  • आरोपी पति ने रेखा आर्या पर 10 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

Girdhari Lal Sahu Non-bailable Warrant: उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ शिकायत पर अब वारंट जारी किया गया है। उत्तराखंड पुलिस ने आरोपी पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पति पर मारपीट करने, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और जान से मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। यह शिकायत 15 अक्टबूर को देहरादून की कैंट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद से आरोपी पति का फोन बंद आ रहा है।

नेपाल भागने की आशंका

जांच में जुटी एसआईटी की टीमों ने बरेली समेत कई जगहों पर छापेमारी की। लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस को शक है कि वह नेपाल भाग गया है। आरोपी पति के खिलाफ पहले ही कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका खारिज हो चुकी है। गैर जमानती वारंट मिलते ही एसआईटी अब आरोपी पर इनाम घोषित करने की तैयारी कर रही है।

मंत्री रेखा आर्या ने बताया था कि शादी से पहले उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके पति पहले से शादीशुदा हैं। उन्हें इस बारे में शादी और बच्चों के जन्म के बाद पता चला। हालांकि, पारिवारिक परिस्थितियों, मौजूदा रिश्तों और भावनात्मक जुड़ाव के कारण उन्होंने इस शादी को जारी रखने का फैसला किया।

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रेखा आर्या पर 10 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप

वहीं, उनके पति ने रेखा आर्या पर 10 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इसके जवाब में रेखा आर्या ने इसे एक धमकी बताया, जिसका मकसद उन पर FIR वापस लेने के लिए दबाव डालना है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के आरोपों का इस्तेमाल एक हथियार के तौर पर किया जा रहा है।

उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत 2003 में हुई थी, जब वह जिला पंचायत की निर्दलीय सदस्य चुनी गई थीं। 2004 में उनकी शादी हुई और बाद में 2012 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। इस तरह उन्होंने जमीनी स्तर से लेकर राज्य स्तर तक अपना अनुभव हासिल किया।

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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने दी सफाई

रेखा आर्या ने जोर देकर कहा कि जब भी कोई राजनेता नामांकन दाखिल करता है, तो उसे अपनी संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य होता है। उन्होंने कहा, "मेरी संपत्ति का पूरा विवरण 2003 से ही उपलब्ध है, और 2012, 2014 तथा 2022 में भी दिया गया था। मेरी आर्थिक स्थिति सबके सामने है। अगर किसी को कोई संदेह है, तो वे इसकी जांच करवा सकते हैं।"

शिकायत में रेखा आर्या का कहना है कि वह लंबे समय से इस पीड़ा को झेल रही थीं। उन्होंने कहा कि कोई भी महिला नहीं चाहती कि उसका घर टूटे। "मुझे भी बहुत तकलीफ के साथ इन सब चीजों से गुजरना पड़ रहा है।"