मीरा भाईंदर परिवहन सेवा (सोर्सः सोशल मीडिया)
ठाणे

11 साल से वेतन वृद्धि नहीं मिलने पर भड़के 652 संविदा कर्मचारी, 28 सितंबर से परिवहन सेवा बंद करने की चेतावनी

MBMT Employees Protest: मीरा-भाईंदर मनपा की परिवहन सेवा में 652 संविदा कर्मचारियों ने 11 साल से वेतन वृद्धि नहीं होने का आरोप लगाया है। मांग पूरी नहीं होने पर काम बंद आंदोलन की चेतावनी दी है।

आंचल लोखंडे

Mira Bhayandar Contract Employees: मीरा- भाईंदर मनपा की परिवहन सेवा (एमबीएमटी) में संविदा आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों की वेतन वृद्धि का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। पिछले 11 वर्षों से मूल वेतन में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय श्रमिक संघ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 28 सितंबर से संविदा कर्मचारी काम बंद आंदोलन करेंगे।

मीरा- भाईंदर की परिवहन सेवा में वर्तमान में डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इन तीनों प्रकार की बस सेवाओं के लिए मनपा ने अलग-अलग 3 ठेकेदार नियुक्त किए हैं। इन सेवाओं में कुल 652 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। संघ का कहना है कि लंबे समय से कर्मचारियों के वेतन में पर्याप्त वृद्धि नहीं हुई है, जबकि इस दौरान महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च लगातार बढ़ा है।

बार-बार पत्राचार के बावजूद समाधान नहीं

राष्ट्रीय श्रमिक संघ के सचिव तुलसीदास इंगोले ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की वेतन वृद्धि को लेकर मनपा प्रशासन को कई बार पत्र दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उनका कहना है कि 11 वर्षों से वेतन में बदलाव नहीं होने के कारण कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

इंगोले के अनुसार, कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वेतन वृद्धि जरूरी है। यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 28 सितंबर से परिवहन सेवा में काम बंद किया जाएगा। इससे बस संचालन प्रभावित होने की संभावना है और इसका सीधा असर रोजाना यात्रा करने वाले नागरिकों पर पड़ सकता है।

2016 के मंत्रालयीन निर्णय का भी हवाला

संघ ने अपने पक्ष में वर्ष 2016 में मंत्रालय में हुई बैठक के निर्णय का भी हवाला दिया है। संघ के मुताबिक, बैठक में यह तय किया गया था कि यदि संविदा कर्मचारियों को नियमित करना संभव नहीं है, तो उन्हें स्थायी कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विचार किया जाना चाहिए। इसी दौरान कर्मचारियों का निश्चित वेतन बढ़ाकर 14 हजार रुपये किया गया था।हालांकि, संघ का कहना है कि इसके बाद वेतन वृद्धि की प्रक्रिया में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। कर्मचारियों का दावा है कि लंबे समय से वेतन वृद्धि नहीं होने के कारण बढ़ती महंगाई के बीच परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।

न्यूनतम मजदूरी के अनुसार भुगतान

दूसरी ओर,मनपा प्रशासन ने कर्मचारियों को नियमों के अनुसार वेतन और भत्ते दिए जाने की बात कही है। मीरा- भाईंदर के अतिरिक्त आयुक्त व परिवहन प्रबंधक डॉ. संभाजी पानपट्टे ने बताया कि परिवहन सेवा में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार वेतन और भत्ते दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को ठेकेदारों के माध्यम से निर्धारित लाभ मिल रहे हैं या नहीं, इसका भी सत्यापन किया जाता है। प्रशासन का रुख है कि कर्मचारियों को लागू नियमों और प्रावधानों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है।

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