प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्सः सोशल मीडिया) 
ठाणे

ठाणे के 150 साल पुराने कावेसर तालाब पर विवाद, कंक्रीटीकरण के खिलाफ उतरे BJP विधायक संजय केलकर

Kavesar Lake Thane: ठाणे के ऐतिहासिक कावेसर तालाब के कांक्रीटीकरण का विरोध तेज। बीजेपी विधायक संजय केलकर ने प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता बचाने के लिए विधायक निधि देने का किया वादा।

रूपम सिंह

Kavesar Lake Thane Sanjay Kelkar: हीरानंदानी इस्टेट क्षेत्र के लगभग 5.6 एकड़ में फैले कावेसर तालाब के सौंदर्याकरण का मामला एक बार फिर गरम हो रहा है। भाजपा विधायक संजय केलकर तालाब के कांक्रीटीकरण के खिलाफ खड़े हुए हैं। उन्होंने पर्यावरण प्रेमियों को आश्वस्त किया है कि तालाब की प्राकृतिक छठा को बनाए रखने के लिए विधायक निधि देंगे। केलकर ने कहा कि तालाबों का शहर ठाणे अब कंक्रीट का शहर बनता जा रहा है और इससे पर्यावरण पर असर पड़ रहा है।

घोड़बंदर रोड के हीरानंदानी इस्टेट क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक कावेसर तालाब लगभग 150 साल पुराना है और इसके आसपास जैव विविधता है। हीरानंदानी क्षेत्र के पर्यावरणविद् और नागरिक अक्सर इस स्थान पर टहलने जाते हैं।

प्राकृतिक तालाब में दुर्लभ सफेद कमल

प्राकृतिक तालाब यहां के निवासियों के लिए आकर्षण का एक हिस्सा है। इसमें एक दुर्लभसफेद कमल पाया जाता है। हीरानंदानी इलाके के निवासियों के साथ ही पर्यावरणविदों ने सोमवार को संजय केलकर से जनसेवक का जनसंवाद कार्यक्रम में मुलाकात की, इस मौके पर मांग की गयी कि कावेसर तालाब को कांक्रीटीकरण से रोका जाए। इस संदर्भ में वातचीत के दौरान विधायक केलकर ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे तालाब का कंक्रीटीकरण नहीं होने देंगे।

गायब होते जा रहे शहर के तालाब

उन्होंने कहा कि एक समय था, जब ठाणे शहर को तालाबों का शहर कहा जाता था। अब अतिक्रमण की वजह से तालाब गायब हो गए हैं। कावेसर तालाब का इलाका पर्यावरण के लिए अच्छा है और यहां कई तरह के पक्षी और जैव विविधता पायी जाती है। लोगों का कहना है कि कंक्रीट बनने से पर्यावरण को नुकसान होगा। जनसंवाद कार्यक्रम में नगरसेवक विकास पाटिल, सुरेश कांबले, नगरसेविका माधुरी मेटांगे, कैलाश म्हात्रे सहित अन्य मौजूद थे।

कांक्रीटीकरण से प्रभावित होगी जैव विविधिता

गौरतलब हो कि ठाणे मनपा ने कावेसर तालाब के सौंदर्याकरण का फैसला किया है। पिछले वर्ष 25 मई को आयोजित एक कार्यक्रम में शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने सौंदर्याकरण के कार्य शुभारंभ किया था। जिसके बाद से स्थानीय स्तर पर इसका विरोध हो रहा है।

इसके खिलाफ कई बार विरोध प्रदर्शन भी हो चुका है। इस क्षेत्र को सेंसिटिव क्षेत्र घोषित करने की भी मांग की जा रही है। कहा जा रहा है कि कांक्रीटीकरण से यहां की जैव विविधता प्रभावित होगी। प्राकृतिक तालाब एवं हरियाली के साथ किसी तरह का छेड़छाड़ नहीं किया जाना चाहिए,

तुकाराम मुंढे बनें मुख्यमंत्री... अमित शाह को दिया लेटर, राजनीति में कदम रखेंगे महाराष्ट्र के सिंघम?

आरक्षण पर NDA में संग्राम! चिराग पासवान की मांग पर भड़के जीतन राम मांझी, बोले- वो गरीबों को देखना नहीं चाहते

आरक्षण के साथ छेड़छाड़ हुआ तो... जदयू नेता की सरकार को सख्त चेतावनी, रिजर्वेशन पर NDA में दो फाड़

संसद सत्र को लेकर बड़ी खबर! सितंबर के दूसरे हफ्ते में बुलावा संभव, परिसीमन और महिला आरक्षण पर सरकार की नजरें

युवाओं को रिझाने में जुटी भाजपा, पार्टी के युवा नेताओं के साथ नितिन नबीन की बैठक; तय हुआ बड़ा एक्शन प्लान