सफाई कर्मचारी को हार्ट अटैक  सोर्स- नवभारत
ठाणे

कल्याण में सफाई कर्मचारी को ड्यूटी पर आया हार्ट अटैक; इंश्योरेंस न होने पर साथियों ने की मदद

Kalyan sanitation worker heart attack: ड्यूटी पर जा रहे सफाई कर्मचारी को हार्ट अटैक आया। मेडिकल इंश्योरेंस न होने पर साथियों ने पैसे जुटाकर इलाज कराया। मनसे ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।

अशोक वर्मा, प्रमोद यादव

Highlights

  • कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के सफाई कर्मचारी आनंदन सबन को ड्यूटी पर आते समय हार्ट अटैक आया।

  • डॉक्टरों ने 45 हजार रुपये का इंजेक्शन लगाने की सलाह दी थी।

  • साथी सफाई कर्मचारियों ने आपस में पैसे जमा कर इलाज का खर्च उठाया।

  • मनसे ने सभी सफाई कर्मचारियों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस लागू करने की मांग की।

  • मेयर हर्षाली चौधरी को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को 15 दिन का समय दिया गया।

KDMC Safai Karmchari Medical Insurance: कल्याण में एक गंभीर घटना ने कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस (स्वास्थ्य बीमा) न होने की समस्या को उजागर कर दिया है।

सोमवार सुबह, ड्यूटी पर आते समय आनंदन सबन नाम के एक सफाई कर्मचारी को जोरदार हार्ट अटैक आया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन मेडिकल इंश्योरेंस न होने के कारण उनके इलाज का खर्च उठाना एक बड़ी चुनौती बन गया।

आर्थिक तंगी और इंश्योरेंस न होने की वजह से बड़ी मुश्किल

इलाज के दौरान, डॉक्टरों ने खून पतला करने के लिए 45,000 रुपये का एक इंजेक्शन लगाने की सलाह दी। आर्थिक तंगी और इंश्योरेंस न होने की वजह से अस्पताल का बिल भरना एक बड़ी मुश्किल बन गया।

आखिरकार उनके साथी सफाई कर्मचारियों ने आपस में पैसे जुटाकर इलाज का खर्च उठाया। बताया जा रहा है कि इंजेक्शन लगने के बाद अब कर्मचारी की हालत स्थिर है।

इस घटना को देखते हुए मनसे के जिला प्रमुख और 'महाराष्ट्र नवनिर्माण म्युनिसिपल वर्कर्स एंड एम्प्लॉइज यूनियन' के अध्यक्ष उल्हास भोईर, नगरसेवक गणेश लांडगे, यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष रोहन अक्केवार, महासचिव कपिल पवार, सचिव भीमदास जाधव और अन्य पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मेयर एडवोकेट हर्षाली चौधरी से मुलाकात की।

एम्प्लॉइज यूनियन' के अध्यक्ष उल्हास भोईर

कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इंश्योरेंस की सख्त जरूरत

उन्होंने एक ज्ञापन सौंपकर सभी सफाई कर्मचारियों के लिए तुरंत मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी लागू करने की मांग की।

मनसे ने प्रशासन को इस मांग को पूरा करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए दिन-रात काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में सुरक्षा देने के लिए इंश्योरेंस की कितनी सख्त जरूरत है।

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