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ठाणे

ठाणे के कल्याण में 176 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी, MHADA प्रोजेक्ट के बिल्डर पर FIR, 184 से ज्यादा खरीदार बेघर

Kalyan Redevelopment Scam: कल्याण पश्चिम के टाइकून गोल्ड एवेन्यू रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में 176 करोड़ से अधिक की ठगी के आरोप में खड़कपाड़ा पुलिस ने डेवलपर्स के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रमोद यादव

Kalyan Tycoon Gold Avenue Fraud: ठाणे जिले के कल्याण पश्चिम में ‘टाइकून गोल्ड एवेन्यू’ रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में 176 करोड़ रुपये से ज़्यादा की धोखाधड़ी के आरोप में डेवलपर्स और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।

श्रीकांत दिगंबर शितोले, चेतन सराफ, महेश गोसावी और अन्य के खिलाफ इंडियन पैनल कोड (IPC) की धारा 3(5), 316(2) और 318(4) के तहत केस दर्ज किया गया है। प्रोजेक्ट का काम 2022 से बंद है, और शिकायत में आरोप है कि सोसायटी की ज़मीन गिरवी रखी गई थी और निवासियों और फ्लैट मालिकों के साथ धोखाधड़ी की गई थी।

पूर्व सांसद कपिल पाटिल ने बिल्डर श्रीकांत शितोले की तरफ से मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी, लेकिन हल नहीं निकलने से अब बिल्डर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कल्याण पश्चिम के चिकनघर इलाके में MHADA का प्रोजेक्ट विवाद का कारण बन गया है। इस प्रोजेक्ट की वजह से कल्याण पश्चिम में कई राजनीतिक घटनाएं देखने को मिल रही हैं।

रीडेवलपमेंट का वादा कर नहीं  दिया घर 

ठाणे जिले के कल्याण पश्चिम में चिकनघर के सर्वे नंबर 22 में MHADA की MIG स्कीम के तहत शांतिदूत सहकारी हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड के रीडेवलपमेंट का काम टाइकून अवंती प्रोजेक्ट्स LLP को दिया गया था।

शिकायत में बताया गया है कि यह टाइकून रियल्टीज LLP और सिकॉम रियल्टी लिमिटेड का जॉइंट वेंचर है। इस मामले में कहा गया है कि नंदा प्रभाकर म्हात्रे ने 29 अगस्त 2021 को प्रोजेक्ट के ‘A’ विंग में 11वीं मंज़िल पर फ्लैट नंबर 1101 के लिए 39 लाख 36 हज़ार 69 रुपये का पेमेंट किया था। आरोप है कि फ्लैट का कब्ज़ा नहीं दिया गया, जबकि जुलाई 2025 तक मिलने की उम्मीद थी।

 दसवीं मंज़िल पर काम रुका

शिकायतकर्ता का कहना है कि डेवलपर्स ने प्रोजेक्ट का कंस्ट्रक्शन सिर्फ़ दसवीं मंज़िल तक ही पूरा किया है, और उसके बाद काम अधूरा रह गया।

शिकायत में आरोप है कि 2022 से प्रोजेक्ट का काम पूरी तरह से रुका हुआ है। इस वजह से, नए फ़्लैट खरीदारों के साथ-साथ मूल निवासियों को भी घर का कब्ज़ा मिलने में दिक्कत हो रही है।

सोसाइटी की जमीन गिरवी रखने का आरोप

एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि डेवलपर्स को दी गई पावर ऑफ़ अटॉर्नी का गलत इस्तेमाल करके सोसाइटी की ज़मीन बैंक के पास गिरवी रख दी गई।

शिकायत में कहा गया है कि इस लेन-देन से सोसाइटी के निवासियों और फ़्लैट खरीदारों को पैसे की तंगी हो गई है। आरोप है कि शांतिदूत कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के 184 सदस्यों और सैकड़ों दूसरे फ़्लैट खरीदारों से 176 करोड़ रुपये से ज़्यादा लिए गए हैं।

शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि घर के कब्ज़े, रीडेवलपमेंट और पैसे के लेन-देन को लेकर किए गए वादे पूरे नहीं किए गए हैं। ठाणे पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और चूंकि मामला हाई प्रोफाइल है, इसलिए पुलिस की मुश्किलें भी बढ़ेंगी।

इस मामले में खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। पुलिस निरीक्षक प्रेमनाथ शेटे ढोले की देखरेख में आगे की जांच चल रही है। प्रोजेक्ट के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन, सोसायटी की जमीन से जुड़े डॉक्यूमेंट्स, बैंक ट्रांजैक्शन और फ्लैट खरीदारों से ली गई रकम की जांच की जाएगी, शिकायत करने वालों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।

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