Girish Mahaja Review Meeting: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में पानी की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए 'कालु बांध' (Kalu Dam) परियोजना को अब नई गति मिलने वाली है। मंत्रालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना ठाणे जिले के लिए जीवनरेखा साबित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी लंबित प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करें ताकि काम बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके।
बैठक में यह बात सामने आई कि परियोजना से प्रभावित होने वाले 11 गांवों ने विरोध दर्ज कराया था, जबकि 7 गांवों में अब तक ग्राम सभाएं आयोजित ही नहीं की गई हैं। इस पर मंत्री महाजन ने ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल को निर्देश दिया कि वे प्राथमिकता के आधार पर इन गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित करें और ग्रामीणों की राय व चिंताओं को सुनें।
इस प्रोजेक्ट से प्रभावित होने वालों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए गिरीश महाजन ने कहा कि सरकार उन्हें उचित मुआवजा देने और पात्र व्यक्तियों को सरकारी नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह सकारात्मक है। उन्होंने जमीन की पैमाइश (Land Survey) जैसे तकनीकी कार्यों को भी युद्धस्तर पर निपटाने को कहा है।
मुरबाड तालुका में कालु नदी पर बनने वाला यह बांध केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि यह मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की भविष्य की जल सुरक्षा है। इस बांध से ठाणे शहर, भिवंडी, कल्याण-डोंबिवली, अंबरनाथ और बदलापुर क्षेत्रों को सीधा लाभ होगा।
यह भी पढ़ें:- CM फडणवीस ने सूर्यकुमार यादव और शिवम दुबे को किया सम्मानित, T20 World Cup 2026 में ऐतिहासिक जीत पर दी बधाई
बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए, यह बांध आने वाले दशकों में पानी की किल्लत को हमेशा के लिए खत्म कर सकता है। बैठक में विधायक किसन कथोरे, रवींद्र चव्हाण और अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक कपूर भी मौजूद रहे। शासन का लक्ष्य है कि समन्वय के साथ काम करते हुए इस प्रोजेक्ट की देरी को खत्म किया जाए।